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15 April 2026

स्कूल खुले... 15 दिन बाद भी किताबों का इंतजार, व्यवस्था सुधारने के निर्देश


लखनऊ। प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग का नया सत्र 2026-27 एक अप्रैल से शुरू हो गया है। जोर-शोर से ‘स्कूल चलो अभियान’ भी चलाया जा रहा है। पहले दिन से विद्यार्थियों को सभी किताबें उपलब्ध कराने का दावा किया गया था, लेकिन सत्र शुरू होने के 15 दिन बाद भी विद्यार्थियों में किताबों का इंतजार बना हुआ है। विभाग ने इस पर नाराजगी जताते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए हैं।



हाल ही में हुई विभागीय समीक्षा में बताया गया कि किताब वितरण की गति 25 जिलों में अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। इसमें झांसी व हाथरस ने काफी धीमी गति से वितरण किया है, जबकि बहराइच के 2834 में से 2002 विद्यालयों में किताबें नहीं वितरित हुई हैं।

बताया गया है कि बहराइच में ही फरवरी की शुरुआत में ब्लॉक में किताबों को बेचने का मामला सामने आया था।


आजमगढ़ के 2955 में से 1921 विद्यालयों में, संभल के 1289 में से 803 विद्यालयों में, बांदा के 1797 में से 630 विद्यालयों में, चित्रकूट के 1262 में से 377 विद्यालयों में किताबें नहीं पहुंची हैं। इसी क्रम में अयोध्या में 335, गोरखपुर में 247,


25 जिलों में वितरण की स्थिति अपेक्षा के अनुरूप नहीं; बहराइच के 2834 में से 2002 स्कूलों में वितरण नहीं


स्कूलों को नामांकन में तेजी लाने के निर्देश

स्कूल चलो अभियान के तहत अब तक कक्षा एक में पिछले साल की अपेक्षा दो लाख से ज्यादा नामांकन हुए हैं। कक्षा पांच से छह में 6.66 लाख, आठ में 18912 नामांकन हुए हैं। कक्षा एक के नामांकन में अलीगढ़ 41.77 प्रतिशत के साथ सबसे आगे है, जबकि श्रावस्ती की स्थिति सबसे खराब है।


कक्षा पांच से छह में 47.74 प्रतिशत के साथ कौशांबी पहले व हरदोई 20.53 प्रतिशत के साथ सबसे पीछे है। कक्षा आठ में भी अमेठी 2.36 के साथ पहले व औरैया व गाजियाबाद सबसे खराब स्थिति में हैं। विभाग ने इसमें सुधार व तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।


सीतापुर में 52, अमेठी में 50, लखनऊ के 33 विद्यालयों में अभी तक सभी किताबें नहीं पहुंची हैं। इसका असर यहां के बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है।

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