📰 एआई शिक्षकों का विकल्प नहीं, उन्हें सशक्त करने का माध्यम: पार्थ सारथी
📍 लखनऊ: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर शिक्षा क्षेत्र में नई दिशा तय करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कहा कि एआई शिक्षकों का विकल्प नहीं है, बल्कि उन्हें सशक्त बनाने का एक प्रभावी माध्यम है।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित “एआई फॉर एजुकेशन इम्पैक्ट” स्टेट एक्शन डायलॉग कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि एआई के लिए व्यापक और दीर्घकालिक रणनीति बनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने यह भी बताया कि संपर्क फाउंडेशन का एआई मॉडल शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने में सहायक साबित हो रहा है।
👉 कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि प्रदेश में अब तक 34 लाख से अधिक बच्चों तक एआई मॉडल की पहुंच हो चुकी है। वहीं, 19 हजार विद्यालयों में एक लाख से अधिक शिक्षकों को एआई का प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
राज्य में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के तहत अब तक 4700 स्मार्ट कक्षाएं स्थापित की जा चुकी हैं, जबकि जल्द ही 6000 और स्मार्ट कक्षाएं स्थापित करने की योजना है।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने कहा कि बच्चों का समग्र विकास केवल पुस्तकों से नहीं, बल्कि शिक्षक के व्यक्तित्व और नवाचार से संभव है। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को एआई आधारित नवाचारों से परिचित कराना और उन्हें तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है।
🎯 इस पहल से शिक्षा प्रणाली में तकनीकी सशक्तिकरण के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
— ब्यूरो रिपोर्ट

