📰 बिना सुरक्षा इंतजामों के स्कूल वाहन, बच्चों की जान जोखिम में
📍 अमेठी सिटी: जिले में स्कूल वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। तमाम नियमों और निर्देशों के बावजूद कई निजी विद्यालयों के वाहन बिना आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।
संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल में सामने आया है कि कई स्कूल बसों और वैन में सीसीटीवी, जीपीएस और स्पीड गवर्नर जैसे अनिवार्य सुरक्षा उपकरण मौजूद नहीं हैं। इतना ही नहीं, कई वाहनों में फिटनेस प्रमाणपत्र भी नहीं है, फिर भी उनका संचालन जारी है।
👉 शहर में एक स्कूल बस बिना जीपीएस और फर्स्ट एड बॉक्स के चलती पाई गई। वहीं, एक मैजिक वाहन में अवैध रूप से अतिरिक्त सीट लगाकर बच्चों को बैठाया जा रहा था, जिससे हादसे का खतरा बढ़ गया है।
जिले में करीब 1200 से अधिक निजी विद्यालयों के लगभग 40 हजार छात्र-छात्राएं रोजाना विभिन्न वाहनों से स्कूल आते-जाते हैं। लेकिन इन वाहनों की नियमित जांच और निगरानी में लापरवाही साफ दिखाई दे रही है।
📊 आंकड़ों के अनुसार:
- पंजीकृत स्कूल बसें: 382
- स्कूल वैन: 443
- फिटनेस समाप्त बसें: 56
- फिटनेस समाप्त वैन: 139
- पंजीकरण लंबित वाहन: 89
- जारी नोटिस: 106
हाल ही में एक हादसे में ओवरलोड वाहन पलटने से बच्चे घायल भी हुए थे, जिससे स्थिति की गंभीरता और बढ़ जाती है।
🗣️ एआरटीओ प्रवर्तन अधिकारी ने बताया कि ऐसे वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी स्कूल संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने वाहनों में अनिवार्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करें।
🎯 अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूल वाहनों की स्थिति पर नजर रखें।
— संवाद न्यूज एजेंसी

