उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की पीसीएस, आरओ/ एआरओ समेत दूसरी भर्तियां संशोधन के फेर में फंसी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 29 जनवरी को हुई कैबिनेट की बैठक में सीएम फेलोशिप योजना का अनुभव रखने वाले युवाओं को भर्तियों में आयु में छूट और भारांक दिया जाना है। इसके लिए जनवरी अंत में गजट भी प्रकाशित हो चुका है। हालांकि कुछ बिन्दुओं पर स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण भर्तियों का विज्ञापन जारी नहीं हो पा रहा है।
जैसे शासन ने मुख्य परीक्षा में आयु में छूट और भारांक देने की बात कही है लेकिन लोक सेवा आयोग की कई भर्तियों में मुख्य परीक्षा का प्रावधान ही नहीं है तो उसमें क्या करेंगे। इसके अलावा प्रमाणपत्र के प्रारूप की भाषा और यूपी से बाहर के युवाओं को इसका लाभ देने पर भी मार्गदर्शन मांगा गया है। आयोग के स्तर से विभिन्न भर्तियों की तैयारियां तेज कर दी गई है। सचिव गिरिजेश कुमार त्यागी के अनुसार, मई अंत तक भर्तियों के विज्ञापन जारी होना शुरू हो जाएंगे।
जनवरी-फरवरी में जारी होता है पीसीएस का विज्ञापन
भर्ती के नियमों में संशोधन के कारण पीसीएस 2026 का विज्ञापन तकरीबन तीन महीने लेट हो गया है। हर साल जनवरी-फरवरी में विज्ञापन जारी हो जाता है लेकिन इस साल साढ़े चार महीना बीतने के बावजूद लाखों युवाओं का इंतजार खत्म नहीं हो सका है। इसी प्रकार आरओ/एआरओ का विज्ञापन भी फंसा हुआ है। आयोग को उत्तर प्रदेश सचिवालय से समीक्षा अधिकारी के 92 पद व सहायक समीक्षा अधिकारी के 267 कुल 359 पदों के साथ राजस्व परिषद से आरओ/एआरओ के 69 पदों का अधियाचन मिल चुका है। इससे पहले 2023 में 419 पदों के लिए जारी विज्ञापन में आयोग के इतिहास में किसी भर्ती में सर्वाधिक 1076004 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था।

