17 May 2026

नौवीं में त्रिभाषा अनिवार्य पर बोर्ड परीक्षा नहीं होगी


नई दिल्ली,  । केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद (सीबीएसई) से संबद्ध स्कूलों में अब कक्षा नौ के छात्रों के लिए तीन भाषाओं की पढ़ाई अनिवार्य होगी।


राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा स्कूल शिक्षा 2023 के अनुरूप यह बड़ा बदलाव किया गया है। यह व्यवस्था एक जुलाई से लागू हो जाएगी। हालांकि, तीसरी भाषा के लिए बोर्ड परीक्षा नहीं कराई जाएगी।


बोर्ड ने 15 मई को जारी परिपत्र में कहा है कि एक जुलाई से कक्षा नौ में तीन भाषाओं का अध्ययन करना होगा। स्कूल सीबीएसई की विषय सूची में शामिल किसी भी भाषा को चुन सकते हैं, लेकिन यह सुनिश्चित करना होगा कि तीन भाषाओं में से कम से कम दो भारतीय भाषाएं हों। विदेशी भाषा को केवल तीसरी भाषा या अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में पढ़ाया जा सकेगा।


बोर्ड ने स्पष्ट किया कि तीसरी भाषा (आर-3) के लिए दसवीं में कोई बोर्ड परीक्षा नहीं होगी। इसका मूल्यांकन पूरी तरह स्कूल स्तर पर आंतरिक रूप से किया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों पर परीक्षा का अतिरिक्त दबाव कम करना और भाषा सीखने को अधिक सहज बनाना है। सीबीएसई ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे जून तक ओएएसआईएस पोर्टल पर अपनी तीसरी भाषा के संबंध में जानकारी दें।