प्रयागराज में 97 स्कूलों के शिक्षकों का वेतन रोका, नामांकन न बढ़ने पर कार्रवाई
जांज, प्रयागराज। परिषदीय विद्यालयों में नए सत्र के प्रवेश अभियान को गंभीरता से न लेने वाले विद्यालयों पर अब शिक्षा विभाग सख्त हो गया है। जिले के ऐसे 97 विद्यालयों के शिक्षकों का मई माह का वेतन रोक दिया गया है, जहां अब तक अपेक्षित छात्र नामांकन नहीं हुआ।
जनपद में वर्तमान सत्र में अब तक 50,676 छात्र-छात्राओं का पंजीकरण किया जा चुका है। पहली से आठवीं कक्षा तक प्रवेश प्रक्रिया सितंबर तक चलेगी। बच्चों को स्कूलों में आकर्षित करने के लिए कॉपी, किताब, बैग सहित अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके बावजूद कई विद्यालय ऐसे हैं जहां दस नए छात्र भी प्रवेश नहीं ले पाए।
विशेष रूप से कोरांव विकासखंड में 97 विद्यालय चिन्हित किए गए हैं। विभाग ने इन विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों, इंचार्ज प्रधानाध्यापकों और अन्य स्टाफ को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है। साथ ही मई महीने का वेतन भी रोक दिया गया है।
खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी सूची के अनुसार 11 विद्यालय ऐसे हैं जहां कक्षा-1 में एक भी नया प्रवेश नहीं हुआ। वहीं कक्षा-6 में शून्य प्रवेश वाले विद्यालयों की संख्या केवल कोरांव ब्लॉक में 92 बताई गई है। इनमें 20 कंपोजिट स्कूल, 6 उच्च प्राथमिक विद्यालय और 71 प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं।
विभागीय पत्र में कहा गया है कि कक्षा-1 और कक्षा-6 में नए प्रवेश न होना शिक्षकों की नामांकन अभियान में उदासीनता दर्शाता है। इसी आधार पर कार्रवाई शुरू की गई है।
बीएसए अनिल कुमार ने बताया कि वर्ष 2024-25 में 35,152 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया था, जबकि वर्ष 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 87,429 हो गई थी। इस बार नामांकन को रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
शासन स्तर से निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी बच्चा स्कूल से बाहर न रहे। स्कूल छोड़ चुके बच्चों को भी “ऑपरेशन शारदा” अभियान के तहत पुनः विद्यालयों से जोड़ा जा रहा है। जल्द ही डीबीटी की राशि बच्चों के खातों में भेजने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।

