लखनऊ, राज्य सरकार ने यूपी में भर्ती और पदोन्नति के लिए रिक्तियों की गणना के लिए चयन वर्ष बदल दिया है। चयन वर्ष अब एक जनवरी से 31 दिसंबर माना जाएगा। पहले एक जुलाई से 30 जून चयन वर्ष था। इसके लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा (भर्ती का वर्ष की परिभाषा का प्रतिस्थापन) नियमावली 2026 को मंजूरी दे दी गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला हुआ। राज्य सरकार ने अधिक पदों पर भर्ती और पदोन्नति देने के लिए चयन वर्ष का बदलाव किया है। विभागों द्वारा चयन वर्ष के आधार पर ही रिक्त पदों की गणना की जाती। रिक्तियों की गणना के आधार पर ही भर्तियों के लिए आयोगों को प्रस्ताव भेजा जाता है और पदोन्नति के आरक्षित पदों पर पदोन्नतियां दी जाती हैं।
कार्मिक विभाग ने चयन वर्ष पहले एक जुलाई से 30 जून तय कर रखा था। विभागों द्वारा इसके आधार पर रिक्त होने वाले पदों की गणना की जा रही थी। राज्य सरकार का मानना है कि जब कैलेंडर वर्ष एक जनवरी से 31 दिसंबर है, तो चयन वर्ष भी इसके आधार पर ही तय होना चाहिए।

