16 June 2026

35 राजकीय स्कूलों में से 21 में गणित के शिक्षक नहीं, 2017 की नीति के आधार पर समायोजन का विरोध

प्रयागराज, । जिले के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में गणित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षकों की कमी है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक के आठ जून के आदेश के क्रम में राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में तैनात शिक्षकों-शिक्षिकाओं के स्थानांतरण के लिए राजकीय विद्यालयों में रिक्त पदों का विवरण विषयवार/पदवार एवं सरप्लस डाटा एनआईसी की वेबसाइट पर अपलोड किया गया है।



जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. संतोष कुमार राय की ओर से उपलब्ध कराई गई सूचना के मुताबिक, जिले के 35 राजकीय विद्यालयों में से 21 में गणित के शिक्षक ही नहीं हैं। वहीं, 14 स्कूलों में विज्ञान के शिक्षक नहीं है।


इनमें से अधिकांश स्कूल ग्रामीण क्षेत्र में हैं जहां कोई शिक्षक जाना नहीं चाहता। इसका नतीजा है कि बच्चों की पढ़ाई-लिखाई प्रभावित हो रही है। इन स्कूलों में बच्चों की संख्या कम होने का भी प्रमुख कारण शिक्षकों का न होना है। पीएमश्री राजकीय इंटर कॉलेज प्रयागराज में हिंदी के दो, अंग्रेजी तीन, गणित/विज्ञान के दो, जीव विज्ञान के तीन, सामाजिक विज्ञान के पांच और कला के दो सहायक अध्यापक कम हैं। वहीं, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, सिविल लाइंस में हिंदी, अंग्रेजी व सामाजिक विज्ञान के तीन-तीन, जीव विज्ञान के दो, गणित/विज्ञान, खेल और कंप्यूटर के एक-एक सहायक अध्यापकों की कमी है।


राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पिपरांव मेजा में गणित, विज्ञान और गृह विज्ञान के शिक्षक नहीं है।

ग्रामीण स्कूलों में शिक्षकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित, समायोजन के लिए सूची जारी

राजकीय शिक्षक संघ पांडेय गुट ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक को पत्र लिखकर 2017 की नीति के आधार पर समायोजन का विरोध किया है। साथ ही प्रदेश के जिला मुख्यालय स्थित बालक विद्यालयों में महिला शिक्षिकाओं का स्थानांतरण और समायोजन निरस्त करने की मांग की है। प्रदेश संरक्षक रामेश्वर पांडेय और प्रदेश अध्यक्ष सत्यशंकर मिश्रा ने मांग की है कि जनपद मुख्यालय स्थित बालक विद्यालयों से महिला शिक्षिकाओं को सरप्लस मानते हुए उन्हें उनके संवर्ग के विद्यालयों में समायोजित एवं स्थानांतरित किया जाए। किसी भी पुरुष शिक्षक को बालक विद्यालय से सरप्लस मानते हुए न हटाया जाए।