यूपी टीईटी पर एसटीएफ की कड़ी नजर, संदिग्ध कोचिंग संचालक रडार पर
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2026 को लेकर स्पेशल टास्क फोर्स (STF) पूरी तरह सतर्क हो गई है। खुफिया सूचनाओं के आधार पर ऐसे कोचिंग संचालकों और व्यक्तियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, जो अभ्यर्थियों को अवैध तरीके से परीक्षा पास कराने का दावा कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, कुछ कोचिंग संचालकों द्वारा छात्रों को गुमराह कर परीक्षा में सफलता दिलाने के नाम पर अनुचित दावे किए जा रहे हैं। ऐसे संदिग्ध लोगों को एसटीएफ ने अपने रडार पर रखा है और उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
2, 3 और 4 जुलाई को होगी यूपी टीईटी
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) द्वारा आयोजित की जा रही यूपी टीईटी परीक्षा 2, 3 और 4 जुलाई 2026 को आयोजित होगी। परीक्षा के लिए लगभग 20 लाख अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है।
आयोग के उप सचिव संजय सिंह के अनुसार, परीक्षा केंद्रों की जिला-वार जानकारी 22 जून तक जारी कर दी जाएगी। वहीं अभ्यर्थी 30 जून 2026 से अपने प्रवेश पत्र (Admit Card) डाउनलोड कर सकेंगे।
एसटीएफ और खुफिया एजेंसियां अलर्ट
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने बताया कि परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। एसटीएफ की कई टीमें सक्रिय हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति परीक्षा में गड़बड़ी करने या अभ्यर्थियों को अवैध तरीके से लाभ पहुंचाने का प्रयास करेगा, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पेपर लीक रोकने पर विशेष फोकस
हाल के वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं को देखते हुए इस बार सरकार और आयोग कोई जोखिम नहीं लेना चाहते। इसी वजह से एसटीएफ के साथ-साथ खुफिया एजेंसियों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जा सके।
यूपी टीईटी 2026 को लेकर प्रशासनिक और सुरक्षा एजेंसियों की यह सक्रियता लाखों अभ्यर्थियों के लिए निष्पक्ष परीक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

