20 June 2026

विद्यालय प्रबंध समिति करेगी निर्माण कार्यों की निगरानी, अभिभावक होंगे अध्यक्ष

 

विद्यालय प्रबंध समिति करेगी निर्माण कार्यों की निगरानी, अभिभावक होंगे अध्यक्ष

लखनऊ। प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में जल्द ही विद्यालय प्रबंध समिति (School Management Committee - SMC) का गठन किया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत विद्यालयों में होने वाले निर्माण कार्यों और विकास योजनाओं की निगरानी विद्यालय प्रबंध समिति करेगी। समिति के अध्यक्ष अभिभावकों द्वारा निर्वाचित अभिभावक होंगे, जबकि विद्यालय के प्रधानाचार्य सदस्य सचिव की भूमिका निभाएंगे।


दो वर्ष का होगा कार्यकाल

शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार विद्यालय प्रबंध समिति का कार्यकाल दो वर्ष का होगा। जिन विद्यालयों में वर्तमान समितियों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है, वहां नए सिरे से समिति का गठन किया जाएगा। समिति विद्यालय के विकास कार्यों, संसाधनों के उपयोग और निर्माण कार्यों की निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

छात्र संख्या के आधार पर तय होंगे सदस्य

बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार विद्यालय में छात्र संख्या के आधार पर समिति के सदस्यों की संख्या निर्धारित की जाएगी।

  • 100 तक छात्र संख्या वाले विद्यालयों में 15 सदस्य होंगे।
  • 500 तक छात्र संख्या वाले विद्यालयों में 20 सदस्य बनाए जाएंगे।
  • 500 से अधिक छात्र संख्या होने पर समिति में 25 सदस्य शामिल किए जाएंगे।

निर्माण कार्यों पर रहेगी विशेष नजर

नई व्यवस्था में अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। विद्यालय भवन निर्माण एवं अन्य विकास कार्यों की निगरानी में समिति की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इससे कार्यों में पारदर्शिता बढ़ने और विद्यालयों के विकास को गति मिलने की उम्मीद है।

शिक्षा विभाग का मानना है कि विद्यालय प्रबंध समितियों के गठन से अभिभावकों की सहभागिता बढ़ेगी और विद्यालयों में विकास कार्यों की बेहतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो सकेगी।