टीजीटी-पीजीटी भर्ती में एनओसी अनिवार्य करने की मांग, सीटें बचाने के लिए अभ्यर्थियों ने उठाई आवाज
प्रयागराज। प्रदेश में प्रस्तावित टीजीटी (प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक) और पीजीटी (प्रवक्ता) भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों ने महत्वपूर्ण मांग उठाई है। अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में मांग की है कि नई भर्ती में पहले से कार्यरत चयनित अभ्यर्थियों के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) को अनिवार्य किया जाए, ताकि एक ही अभ्यर्थी के बार-बार चयन से रिक्त पदों का नुकसान न हो।
अभ्यर्थियों का कहना है कि कई बार किसी उम्मीदवार का एक ही पद पर दोबारा चयन हो जाता है। बाद में मनपसंद जिला या विद्यालय न मिलने पर वह कार्यभार ग्रहण नहीं करता, जिससे संबंधित पद लंबे समय तक रिक्त रह जाता है और भर्ती प्रक्रिया का उद्देश्य प्रभावित होता है।
चार वर्षों से भर्ती का इंतजार
अभ्यर्थियों ने यह भी मांग की है कि एडेड जूनियर हाईस्कूल शिक्षक भर्ती का विज्ञापन जल्द जारी किया जाए। उनका कहना है कि वर्ष 2021 के बाद से टीजीटी, पीजीटी और एडेड जूनियर हाईस्कूल शिक्षकों की भर्ती नहीं हुई है, जबकि प्रदेश के विद्यालयों में बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं।
मनपसंद जिले के लिए बार-बार आवेदन की समस्या
ज्ञापन में कहा गया है कि कई अभ्यर्थी किसी जिले में चयनित होने के बावजूद मनचाहा जिला न मिलने पर कार्यभार ग्रहण नहीं करते और अगली भर्ती में फिर आवेदन कर देते हैं। इससे चयनित पद खाली रह जाते हैं और अन्य अभ्यर्थियों को अवसर नहीं मिल पाता।
अभ्यर्थियों ने सुझाव दिया है कि यदि कोई पहले से किसी विद्यालय में कार्यरत है और उसी पद के लिए पुनः आवेदन करना चाहता है, तो उसे संबंधित विद्यालय या संस्था से एनओसी (No Objection Certificate) प्रस्तुत करना अनिवार्य किया जाए। हालांकि, उच्च पद जैसे पीजीटी के लिए आवेदन करने वालों पर यह शर्त लागू न करने की भी मांग की गई है।
मुख्यमंत्री को भेजा गया ज्ञापन
इन मांगों के संबंध में अभ्यर्थियों द्वारा मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी (नगर) को सौंपा गया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि इससे भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और रिक्त पदों का नुकसान भी रोका जा सकेगा।
प्रदेश में लंबे समय से टीजीटी-पीजीटी भर्ती की प्रतीक्षा कर रहे हजारों अभ्यर्थियों की नजर अब सरकार और शिक्षा विभाग के आगामी निर्णयों पर टिकी हुई है।

