गुलड़िया। विकासखंड मझगवां क्षेत्र के बसंतपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय में शनिवार को नौ में से छह शिक्षक पूर्व सूचना दिए बिना ही अनुपस्थित हो गए। ग्राम प्रधान ने इसकी सूचना अफसरों को दी। उपस्थिति रजिस्टर का फोटो खींचकर भी भेजा। खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) ने सभी शिक्षकों को नोटिस देकर जवाब मांगने की बात कही है। उपस्थिति रजिस्टर भी मंगाया। जांच के बाद कार्रवाई की बात भी कही है।
ग्राम प्रधान महीपाल सिंह यादव ने बताया कि इस स्कूल में 211 बच्चे पंजीकृत हैं। इन्हें पढ़ाने के लिए नौ शिक्षकों की तैनाती है। आरोप है कि सभी शिक्षक प्रतिदिन विद्यालय नहीं आते हैं। जो शिक्षक आज आए, वह अगले दिन नहीं आएंगे। यह क्रम लंबे समय से जारी है।
हर रोज चार से छह शिक्षक अनुपस्थित रहते हैं। अगले दिन आकर रजिस्टर में अपनी उपस्थिति दर्ज कर देते हैं। ग्राम प्रधान ने आरोप लगाया कि प्रधानाध्यापक माह में बमुश्किल 10 दिन ही स्कूल आते हैं। कई बार उपस्थिति रजिस्टर मांगा गया है, लेकिन अध्यापकों ने ताले में बंद होने की बात कहकर हर बार छुपा लिया। बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों से शिकायत करने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। शनिवार को सिर्फ तीन शिक्षक ही स्कूल पहुंचे। 11 बजे तक इंतजार करने के बाद भी जब अन्य शिक्षक नहीं आए तो ग्राम प्रधान ने पहले एसडीएम आंवला और इसके बाद बीईओ को सूचना दी। बीईओ ने पड़ोस के गांव ऑफिस गंज स्कूल के प्रधान अध्यापक प्रशांत को बसंतपुर भेज कर जांच कराई। प्रशांत ने बताया कि स्कूल में नरेंद्र सिंह चौहान, उपकार और शिक्षामित्र भूप सिंह मौजूद मिले।
प्रधानाध्यापक अशोक कुमार के साथ ही प्रदीप, एकराम, पुष्पेंद्र, कुशल पाल और शिक्षामित्र उमेश स्कूल नहीं पहुंचे। उन्होंने यह भी बताया कि न तो इन लोगों ने छुट्टी का प्रार्थनापत्र दिया न ही किसी ने मेडिकल लगाया। उन्होंने उपस्थिति रजिस्टर का फोटो भी अधिकारियों को भेजा।
बीईओ सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि ग्राम प्रधान के माध्यम से सूचना मिली थी। अनुपस्थित सभी शिक्षकों को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
आरोप : शिक्षक बोले- हम ऊपर तक देते हैं चढ़ावा
बसंतपुर गांव के प्रधान महीपाल सिंह यादव ने बताया कि पिछले कई महीनों से स्कूल में नियमित अध्यापकों के न आने से बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। इसको लेकर कई बार प्रधानाध्यापक से बात की गई। उन्होंने हर बार यही कहा कि हम बरेली से यहां रोज-रोज नहीं आ सकते। हम ऊपर तक अधिकारियों को पैसा देते हैं। आप हमारी शिकायत भी करोगे तो भी कुछ नहीं होगा। विद्यालय के एक अध्यापक एक मंत्री के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं।
स्कूल में पहले ग्राम प्रधान मिड-डे मील बनवाते थे। गड़बड़ी हुई तो इंचार्ज अध्यापक ने खुद ही मिड-डे मील बनवाना शुरू कर दिया। इसी को लेकर अनबन है। हालांकि, शिक्षकों के अनुपस्थित रहने को लेकर बीईओ ने नोटिस देकर जवाब मांगा है। - डॉ. विनीता, बीएसए

