● आयोग 28 सितंबर से साक्षात्कार प्रारंभ कर सकेगा
प्रयागराज, । इलाहाबाद हाईकोर्ट उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को पीसीएस-2025 के साक्षात्कार आयोजित करने की अनुमति प्रदान कर दी है। आयोग सोमवार 28 सितंबर से साक्षात्कार प्रारंभ कर सकेगा। यह आदेश न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम ने दिया है।
पीसीएस 2025 की भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण व्यवस्था, अनारक्षित श्रेणी में मेधावी आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के समायोजन और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के नौ जनवरी 2020 के कार्यालय ज्ञाप को लेकर दाखिल याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई में याचियों की ओर से अधिवक्ता अभिषेक शुक्ल और राज्य सरकार व आयोग की ओर से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल एवं डॉ अवनीश त्रिपाठी ने तर्क रखे। याचियों की ओर से यह सवाल उठाया गया कि आरक्षित वर्ग के ऐसे अभ्यर्थी, जिन्होंने बिना किसी छूट या रियायत के अनारक्षित कटऑफ के बराबर या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं, उन्हें प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा के चरणों में अनारक्षित/खुली प्रतियोगिता से बाहर किया जा सकता है या नहीं। साथ ही उत्तर प्रदेश लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों व अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण) अधिनियम 1994 की धारा 3(6), नौ जनवरी 2020 के कार्यालय ज्ञाप और पीसीएस-2025 के विज्ञापन की संबंधित शर्तों के बीच असंगति का मुद्दा उठाया गया।
यह भी दलील दी गई कि खुली/अनारक्षित श्रेणी सभी पात्र अभ्यर्थियों के लिए मेरिट आधारित प्रतियोगिता का क्षेत्र है और मेधावी आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को केवल उनकी श्रेणी के आधार पर इससे अलग करना समान अवसर के संवैधानिक सिद्धांत से संबंधित प्रश्न उत्पन्न करता है। कोर्ट इस मामले पर अब सोमवार को सुनवाई करेगी।

