फर्जी दिव्यांगता प्रमाणपत्र लगाकर बनी शिक्षिका, प्राथमिकी दर्ज
बहराइच। राजकीय हाईस्कूल विशेश्वरगंज में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात शिक्षिका श्वेता के खिलाफ फर्जी दिव्यांगता प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार की तहरीर पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
नियुक्ति के समय लगाया था दिव्यांगता प्रमाणपत्र
सीएमओ के अनुसार, संयुक्त शिक्षा निदेशक, देवीपाटन मंडल, गोंडा की ओर से 21 सितंबर को शिक्षिका की नियुक्ति के समय प्रस्तुत दिव्यांगता प्रमाणपत्र की छायाप्रति सत्यापन के लिए भेजी गई थी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के अभिलेखों से प्रमाणपत्र का मिलान कराया गया। जांच में सामने आया कि श्वेता के नाम से प्रस्तुत दिव्यांगता प्रमाणपत्र कार्यालय से जारी नहीं हुआ था।
इसके बाद सीएमओ ने पुलिस को तहरीर दी।
पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी
अपर पुलिस अधीक्षक नगर आयुष विक्रम सिंह के अनुसार मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब मामले की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
सीएमओ ने मामले की रिपोर्ट संयुक्त शिक्षा निदेशक, देवीपाटन मंडल, अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा जिला विद्यालय निरीक्षक, बहराइच को भी भेजी है।
नियुक्ति और प्रमाणपत्र पर उठे सवाल
फर्जी प्रमाणपत्र का मामला सामने आने के बाद शिक्षिका की नियुक्ति में प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की सत्यता को लेकर भी जांच की स्थिति महत्वपूर्ण हो गई है। पुलिस जांच और संबंधित विभागों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

