स्कूल बस की टक्कर, महिला टीचर की मौत:3 छात्र घायल, कांच के टुकड़े सिर-चेहरे में घुसे; गांधी जयंती मनाने जा रहे थे
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कानपुर में स्कूल बस की टक्कर, महिला टीचर की मौत:3 छात्र घायल, कांच के टुकड़े सिर-चेहरे में घुसे; गांधी जयंती मनाने जा रहे थे
कानपुर में स्कूल बस की तेज रफ्तार डंपर से आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में महिला टीचर की मौत हो गई। 6 लोग घायल हैं। इनमें 3 छात्र, 3 टीचर हैं। बस से स्कूल के 35 टीचर और छात्र गांधी जयंती मनाने जा रहे थे।
टक्कर इतनी भीषण थी कि बस के शीशे टूटकर बिखर गए। शीशे के टुकड़े किसी के आंख-सिर तो किसी के गर्दन पर लग गए। मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को बस से निकाला और अस्पताल भिजवाया।
हादसा शुक्रवार सुबह 8 बजे कानपुर-सागर हाईवे पर हरबसपुर गांव के पास हुआ। डंपर चालक को ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। बस घाटमपुर के चीमा पब्लिक स्कूल की थी। मृतक टीचर का नाम ऐश्वर्या श्रीवास्तव (35) था।
टीचर की मौत के बाद प्रिंसिपल बेसुध
चीमा पब्लिक स्कूल के बस ड्राइवर अर्जुन ने बताया- कानपुर-सागर हाईवे पर बिधनू थाना क्षेत्र के हरबसपुर गांव के पास पहुंचा था। तभी सामने से मौरंग लदा डंपर एक कार को ओवरटेक करते समय अचानक सामने आ गया। डंपर से बचाने के लिए बस को सड़क से नीचे उतारने की कोशिश की, लेकिन डंपर ने साइड में टक्कर मार दी।
प्रिंसिपल सुभांगी सिंह कार से बस के पीछे आ रही थीं। हादसे का पता चलते ही वह बिधनू सीएचसी पहुंचीं। वहां ऐश्वर्या की मौत की खबर सुनते ही बेसुध हो गईं। साथी टीचर्स ने उन्हें संभाला। वह बार-बार यही कहती रहीं कि ऐश्वर्या के घरवालों को क्या जवाब दूंगी।
टीचर बोले- सामने से मौत आती दिखी
चीमा पब्लिक स्कूल के मैथ टीचर दीपक पाल ने बताया- डंपर सामने से बस की ओर आता दिखाई दे रहा था। ड्राइवर ने बस को बचाने का प्रयास किया, लेकिन टक्कर हो गई। हादसे का मंजर देखकर सभी की रूह कांप गई। स्कूल परिवार ने अपना एक साथी खो दिया।
2 टीचर को जिला अस्पताल रेफर किया गया
हादसे में बिनगवां निवासी छात्र रौनक वर्मा (कक्षा-7) की आंखों में कांच के टुकड़े लग गए। सागरपुरी निवासी अर्पित दीक्षित (25), दुर्गा चौहान (37), निखलेश्वर बाजपेई (47) और छात्र रौनक को प्राथमिक इलाज के बाद घर भेज दिया गया।
हादसे में तौधकपुर निवासी टीचर अंजू रीता (37) और जूही लाल कॉलोनी निवासी टीचर हिमांशु यादव (30) को इलाज के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया।
4 भाई- बहन में सबसे बड़ी थी ऐश्वर्या
विज्ञान टीचर ऐश्वर्या 4 भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी। उसके दो भाई अमन और वैभव हैं। जबकि छोटी बहन आकाशीय हैं। सभी अभी पढ़ाई कर रहे हैं। पिता पवन श्रीवास्तव घर पर ही रहते हैं। मां गुंजर श्रीवास्तव गृहिणी हैं। ऐश्वर्या चीना
पब्लिक स्कूल में 5 साल से पढ़ा रही थीं। इससे पहले वह मूसानगर असेंट पब्लिक स्कूल में पढ़ा रही थीं।
भाई अमन बोला- दीदी ने कहा था आज जल्दी आ जाऊंगी
ऐश्वर्या के भाई अमन ने बताया- दीदी सुबह साढ़े 6 बजे घर से निकल गई थीं। जाते समय मम्मी से कहा था कि स्कूल में आज पढ़ाई होगी नहीं। गांधी जयंती पर कार्यक्रम होंगे। इसके बाद घर जल्दी आ जाऊंगी। लेकिन दीदी की मौत की खबर आई।
थाना प्रभारी तेज बहादुर सिंह ने बताया-
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है। डंपर को कब्जे में लेकर जांच-पड़ताल की जा रही है। शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
