मतदाता सूची में एक के बाद एक गड़बड़ियां उजागर हो रही हैं। पीलीभीत के बाद आजमगढ़ के विकास यादव का मतदाता सूची में 11 बार नाम होने पर चुनाव आयोग ने कड़ी कार्रवाई की है। कंप्यूटर सहायक व पांच बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) को मतदान कार्य से हटाकर उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। ये सभी संविदाकर्मी हैं। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) यानी एसडीएम व दो सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) पर विभागीय कार्रवाई होगी। वहीं ईआरओ, दो एईआरओ, कंप्यूटर सहायक व पांच बीएलओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
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गड़बड़ी की शिकायत पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा द्वारा मामले की जांच कराने पर विधानसभा क्षेत्र 347 आजमगढ़ की मतदाता सूची में विकास यादव का नाम 11 बार दर्ज मिला। आजमगढ़ के जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से सीईओ को सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार, विकास का नाम पहले 13 बार अंकित था, जिनमें दो जगह से हटा दिया गया था। शेष 11 स्थानों पर उसका नाम मिला। एक स्थान पर वास्तविक विकास यादव का नाम है। उसको छोड़कर अन्य 10 के वास्तविक नाम व अन्य विवरण के संशोधन के लिए फॉर्म-8 भरवा दिए गए हैं।
दो साल की सजा व जुर्माने का प्रावधान
● ऑपरेटर और पांच बीएलओ की सेवाएं समाप्त की गईं
● एसडीएम समेत सभी पर एफआईआर दर्ज होगी
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीते दिनों आजमगढ़ के विकास यादव का मतदाता सूची में 11 बार नाम दर्ज होने की शिकायत की थी और उसे मीडिया के सामने पेश किया था। प्रकरण में दोषी पाए गए मतदाता पंजीकरण केंद्र के कंप्यूटर सहायक व पांच बीएलओ को मतदाता सूची के काम से तत्काल हटाते हुए, सेवा से हटाने का भी नोटिस दे दिया गया है। ईआरओ, एईआरओ के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इन सभी के विरुद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम,1950 की धारा-32 में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इसमें दो साल की जेल व जुर्माना लगाया जाएगा।
सभी विधानसभा क्षेत्रों की सूची की जांच की जाएगी
विकास यादव का नाम सूची में 11 बार दर्ज होने की शिकायत मिलने के बाद अब आजमगढ़ के सभी विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूची जांची जाएगी। हफ्ते भर में जांच रिपोर्ट सीईओ कार्यालय को भेजी जाएगी। मतदाताओं के सूची में कई बार नाम मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी।
मतदाता सूची में गड़बड़ियों की जांच हो : कांग्रेस
नई दिल्ली, एजेंसी। उत्तर प्रदेश विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव की मतदाता सूची में गड़बड़ियां सामने आने के बाद कांग्रेस ने शनिवार को देशभर की मतदाता सूचियों की निष्पक्ष जांच कराने और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की।कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने एक मीडिया रिपोर्ट साझा करते हुए 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'हमारी स्पष्ट मांग है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार तत्काल इस्तीफा दें और एसआईआर प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाई जाए।