03 October 2026

शिक्षकों ने कैशलेस योजना के कार्ड उड़ाकर जताया अपना विरोध

 

उत्तर प्रदेश के 331 अनुदानित महाविद्यालयों में 25 वर्षों से चल रही दोहरी स्ववित्तपोषित व्यवस्था को समाप्त करने की मांग को लेकर शुक्रवार को ईको उद्यान में शिक्षकों ने प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के कार्ड तिरंगेनुमा गुब्बारों के साथ उड़ाए। अनुदानित महाविद्यालय स्ववित्तपोषित शिक्षक संघ (उत्तर प्रदेश) के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अरुणेश अवस्थी के आह्वान पर आयोजित धरने में विभिन्न जनपदों और 18 विश्वविद्यालय क्षेत्रों से बड़ी संख्या में शिक्षक पहुंचे।

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डॉ. करुणेश अवस्थी ने कहा कि स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों को अनुदान पर लिया जाए। इनमें कार्यरत लगभग 3000 शिक्षकों की सेवाएं संरक्षित कर विनियमित की जाए या यूजीसी मानकों के अनुरूप वेतनमान दिया जाए। उन्होंने कहा कि एक ही परिसर, प्रबंधन, प्राचार्य, पाठ्यक्रम, परीक्षा और डिग्री होने के बावजूद स्ववित्तपोषित शिक्षकों को न सेवा सुरक्षा मिली है और न सम्मानजनक वेतन। उन्होंने अधिनियम 2006, निदेशालय के 2013 के प्रस्ताव और यूजीसी की 2012–17 की योजना का हवाला दिया। शिक्षकों ने कहा कि आजीविका सुरक्षित हुए बिना चिकित्सा सुविधाओं का लाभ उठाना कठिन है, इसी कारण कैशलेस योजना का बहिष्कार किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस को ज्ञापन सौंपा। चेतावनी दी कि निर्णय नहीं हुआ तो धरना शुरू करेंगे।