19 October 2026

UP Composite School News: 9 साल में 1.84 लाख शिक्षक बढ़े, कंपोजिट विद्यालयों की संख्या 24,605 हुई

 

Composite School News: 9 साल में कंपोजिट विद्यालयों में 1.84 लाख शिक्षक बढ़े, 225 से बढ़कर 24,605 हुई विद्यालयों की संख्या

UP Basic Education News: प्रदेश में विद्यालयों को मजबूत बनाने और बच्चों को बेहतर शैक्षिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कंपोजिट विद्यालयों की संख्या और शिक्षकों की उपलब्धता में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार की ओर से विद्यालयों के संसाधनों और शिक्षक उपलब्धता पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में कंपोजिट विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या में पिछले नौ वर्षों के दौरान उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

समाचार रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2016-17 में प्रदेश के कंपोजिट विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या 9,18,000 बताई गई है, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 10,85,408 हो गई। रिपोर्ट में इस अवधि के दौरान शिक्षकों की संख्या में लगभग 1.84 लाख की वृद्धि का उल्लेख किया गया है।

2017 से 2026 के बीच बढ़े कंपोजिट विद्यालय

रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2017-18 में प्रदेश में 225 कंपोजिट विद्यालय थे। वर्ष 2025-26 तक इनकी संख्या बढ़कर 24,605 हो गई।

कंपोजिट विद्यालयों में एक ही परिसर में अलग-अलग कक्षाओं की पढ़ाई की व्यवस्था की जाती है। इससे विद्यालयी संसाधनों के बेहतर उपयोग और बच्चों को एक ही परिसर में आगे की कक्षाओं तक पढ़ाई जारी रखने की सुविधा मिल सकती है।

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कक्षा आठ तक शिक्षा की सुविधा

कंपोजिट विद्यालयों का उद्देश्य प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर की शिक्षा को एकीकृत व्यवस्था के तहत संचालित करना है। इससे बच्चों को कक्षा आठ तक की पढ़ाई के लिए व्यवस्थित शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलती है।

शैक्षिक संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर

विद्यालयों की संख्या बढ़ने और शिक्षकों की उपलब्धता में सुधार से शैक्षिक गतिविधियों को व्यवस्थित करने में सहायता मिल सकती है। हालांकि, शिक्षा की गुणवत्ता का वास्तविक आकलन शिक्षक-छात्र अनुपात, विषयवार शिक्षक उपलब्धता, विद्यार्थियों के सीखने के स्तर और विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर किया जाना चाहिए।

निष्कर्ष: उत्तर प्रदेश में कंपोजिट विद्यालयों के विस्तार को बेसिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है।