पहली बार जून में खूले स्कूल, छात्र की संख्या रही कम

मुरादाबाद। ग्रीष्मकालीन अवकाश इस बार 15 दिन पहले ही खत्म हो गया। पहली बार हुआ जब जून में ही प्राथमिक विद्यालय खुल गए। बृहस्पतिवार को परिषदीय विद्यालय खुले तो बच्चों की संख्या काफी कम रही। बताया गया कि मंडल के विभिन्न स्कूलों में कायाकल्प का कार्य चल रहा है। इसकी वजह से भी बच्चों की संख्या प्रभावित रही। जिन स्कूल में बच्चे पहुंचे उनका स्वागत किया गया। बच्चों को आज खेल-खेल में ही पढ़ाया गया।


इसमें मझोला कंपोजिट विद्यालय में पहले दिन 600 छात्र में केवल पचास छात्र ही उपस्थित रहे। विद्यालय की प्रधानाचार्य अल्का ने बताया कि गर्मी अधिक होने के कारण अभिभावक बच्चों को कतरा रहे हैं। ऐसे में अभिभावकों को फोन करके छात्रों को विद्यालय बुलाया गया। काफी अभिभावकों को अभी विद्यालय खुलने की जानकारी नहीं हैं। इस कारण विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति कम रही।

रामलीला मैदान स्थित कुंदनपुर कंपोजिट विद्यालय में पहले दिन केवल तीन विद्यार्थी ही पहुंचे। विद्यालय प्रधानाचार्य मनाली शर्मा ने बताया कि विद्यालय में कायाकल्प का कार्य चल रहा है। इस कारण बच्चों के बैठने की जगह भी नहीं है। ऐसे में जो बच्चे आए थे, वह भी घर लौट गए। जयंतीपुर कंपोजिट विद्यालय में केवल पांच छात्र ही उपस्थित रहे। लाकड़ी फाजलपुर में प्राथमिक विद्यालय में आज एक भी छात्र उपस्थित नहीं रहा। प्राथमिक विद्यालय दांग में लाइट नहीं आने के कारण बच्चों को गर्मी में बैठ कर पढ़ाई करनी पढ़ी। बढ़ती गर्मी भी विद्यालयों में छात्रों की शत प्रतिशत संख्या में बाधा बना। ऐसे में स्कूल 7.30 से 12.30 तक रहा। शिक्षकों को कहना हैं कि एक तो भीषण गर्मी हो रही हैं, इसमें विद्यालयों में कायाकल्प का कार्य भी चल रहा है। इस कारण बच्चों, शिक्षकों दोनो को ही परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं। ऐसे में जुलाई से ही सत्र शुरू होना चाहिए था।
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पहले दिन छात्रों की उपस्थिति 20-30 प्रतिशत रही। ऐसा पहली बार हुुआ है कि स्कूल जून में खुले है। अभी ज्यादातर अभिभावकों को स्कूल खुलने की जानकारी नहीं हैं। इस कारण भी छात्र संख्या कम रही।
बुद्धप्रिय सिंह, बीएसए

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