गोद लेकर भूले अफसर, कइयों को पता ही नहीं उन्हें स्कूल गोद मिला



 झांसी स्कूल गोद ले लिए। सुधार के बड़े बड़े दावे भी हो गए लेकिन अफसरों ने विद्यालय कभी जाकर नहीं देखा। एक माह पहले ट्रांसफर होकर आए कई अफसरों को तो यह भी नहीं पता कि उन्हें कोई स्कूल भी गोद मिला है। अफसरों को निरीक्षण की आख्या भी देनी थी लेकिन जब गए ही नहीं तो रिपोर्ट कहा से तैयार करें।
झांसी जनपद में 1452 परिषदीय स्कूल हैं। इनमें 888 प्राथमिक, 281 उच्च प्राथमिक और 273 कंपोजिट विद्यालय है। इन विद्यालयों में शिक्षा के स्तर में सुधार करने और सुविधाएं मुहैया कराने के लिए अप्रैल में 127 स्कूलों को 121 जिला, ब्लाक और तहसील स्तर के अफसरों को गोद दिया गया था। इन अफसरों से कहा गया था कि वह अपने स्कूलों में जाकर वहां व्यवस्थाएं देखें।




स्कूल के भवन की स्थिति बीच , पेयजल, टॉयलेट और फोल्ड के साथ ही शिक्षा के स्तर पर रिपोर्ट बनाकर विभाग को सौंपनी थी। इन अफसरों से कहा गया था कि यह लगातार स्कूल के संपर्क में रहें और जो बेहतर किया जा सकता है यह अपनी निगरानी में कराएं।

कुछ अधिकारी तो स्कूलों में गए भी जबकि तमाम गए ही नहीं इस ट्रांसफर के बाद जो अधिकारी झासो आए उन्हें तो पता ही नहीं चला कि उन्हें स्कूल गोद दिया गया है। पचास फीसदी अफसरों को इसकी जानकारी ही नहीं है। जबकि चार अधिकारी ऐसे थे जो स्कूल गए ही नहीं अब इन सभी को निर्देशित किया जा रहा है कि यह स्कूलों का निरीक्षण करे।

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