बिना कारण वेतन रोकने के आदेश से शिक्षक नाराज, जानें क्या है मामला


 बस्ती। बिना कारण वेतन रोकने का आदेश देने का आरोप लगाकर मंगलवार को शिक्षक संगठन ने नाराजगी जाहिर की। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष चंद्रिका सिंह के नेतृत्व में संग पदाधिकारियों और शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने बीएसए डॉ. इंद्रजीत प्रजापति के प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन दिया। मांग की कि डीवीटी के तहत कुछ विद्यार्थियों के आधार कार्ड न बनने की वजह से शिक्षकों का वेतन न रोका जाए।






संघ के जिलाध्यक्ष चंद्रिका सिंह ने कहा कि डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर यानी डीवीटी के तहत कुछ विद्यार्थियों के आधार कार्ड न बनने पर 333 विद्यालयों के लगभग एक हजार शिक्षकों के दिसंबर का वेतन अग्रिम आदेश तक बीएसए ने रोक दिया है। यह नियमानुसार सही नहीं है।



आधारकार्ड बनवाने की जिम्मेदारी अभिभावकों और पोर्टल पर लोड करने की जिम्मेदारी बीआरसी पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों की है। इसके बावजूद शिक्षकों ने स्वयं रुचि लेकर अधिकाश आधारकार्ड स्वयं के खर्चे पर अपलोड कराया है, जिससे विद्यार्थियों को सुविधाएं मिल सके। इसके बावजूद शिक्षकों का वेतन रोके जाने का आदेश दिया जाना पूरी तरह अव्यवहारिक है। संघ के महामंत्री बालकृष्ण ओझा ने कहा कि यदि शिक्षकों का वेतन डीवीटी के आधार पर रोका गया तो शिक्षक आंदोलन के लिए बाध्य होगा।


संघ के कोषाध्यक्ष दुर्गेश यादव ने वरिष्ठता सूची जारी करने, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों का समय से मानदेय भुगतान किए जाने, जीपीएफ एवं एनपीएस पासबुक समय से जारी करने की मांग बीएसए से की।



राजेश गिरी, सुधीर तिवारी, उमाकांत शुक्ल, राम पियारे, राजकुमार तिवारी, आज्ञाराम वर्मा, अशोक यादव, संतोष मिश्र, सुरेश गौड़, नंदलाल, राकेश सिंह, मो. असद अनीस आदि मौजूद रहे।