शिक्षकों और कर्मचारियों को कैशलेस इलाज मिलेगा

● एलयू में बीते कई दशकों से की जा रही कैशलेस इलाज की मांग


● कैशलेस इलाज के मद्देनजर सात सदस्यीय समिति गठित की गई


लखनऊ, संवाददाता। एलयू के शिक्षकों और कर्मचारियों को अब कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इसके लिए एक समिति का गठन भी कर दिया गया है। जल्द ही समिति की बैठक होगी।


एलयू में लूटा और कर्मचारी परिषद कई वर्षों से मेडिकल सुविधा दिए जाने की मांग कर रहे थे। कई बार कुलपति, कुलसचिव और शासन में ज्ञापन भी दिए गए। लेकिन हर बार चिकित्सा सुविधा पर विचार करने का आश्वासन दिया जाता है। एलयू कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने बताया कि मेडिकल सुविधा शिक्षकों और कर्मचारियों को मिलनी चाहिए। इससे उनके अंदर सुरक्षा का भाव आता है। लिहाजा कुलपति ने कुलसचिव को निर्देश दिए थे कि वह शिक्षकों और कर्मचारियों के कैशलेस इलाज के लिए एक समिति बनाए। कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह ने सात सदस्यों की समिति का गठन किया है।



समिति की अध्यक्ष प्रो. संगीता साहू को बनाया गया है। एलयू में विधि प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. आनन्द विश्वकर्मा को सदस्य के रूप में शामिल किया है। इसके अलावा प्रो. नंदलाल भारती, वित्त अधिकारी, कुलसचिव लूटा अध्यक्ष व महामंत्री और कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष और महामंत्री को भी समिति में शामिल किया गया है। इस संबंध में मीटिंग 18 अप्रैल को प्रस्तावित है।


कई मुद्दों पर होगा विचार: बैठक में विचार किया जाएगा कि कैशलेस इलाज की लिमिट कितनी रखी जाए। शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ-साथ परिवार के किन-किन सदस्यों को इस सुविधा से जोड़ा जाए समेत कई मुद्दों पर विचार होगा।