देश में इस बार सामान्य से ज्यादा बारिश के आसार

 

देश में इस बार मानसूनी बारिश सामान्य से अधिक होने की संभावना है। मौसम विभाग ने सोमवार को मानसून को लेकर दीर्घावधि पूर्वानुमान जारी किया। इसके अनुसार, जून से सितंबर के चार महीनों में सामान्य से 106 फीसदी बारिश होगी। मानसून के दौरान सामान्य वर्षा का मतलब 87 सेंटीमीटर बारिश से होता है। यानी इस बार करीब 92 सेंटीमीटर बारिश हो सकती है।



भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने प्रेसवार्ता में पूर्वानुमान जारी किया। आईएमडी प्रमुख ने कहा, मानसूनी बारिश यदि 96-104 फीसदी रहती है तो यह सामान्य मानी जाती है, लेकिन इस बार यह 106 फीसदी तक रहने की संभावना है, इसलिए यह सामान्य से अधिक रहेगी। इसमें पांच फीसदी की मांडलीय त्रुटि हो सकती है। वहीं, 2023 में मानसूनी बारिश सामान्य से 94 फीसदी रही थी, जो सामान्य से थोड़ी ही कम थी। मौसम विभाग ने कहा कि मानसून के सामान्य से अधिक रहने की संभावना 61 फीसदी है, जबकि 29 फीसदी संभावना सामान्य रहने की है। सामान्य से कम रहने की संभावना महज 10 फीसदी है।


तीन घटनाओं से होती है वर्षा की भविष्यवाणी


मानसून सीजन में बारिश की भविष्यवाणी के लिए पहला अल नीनो काप्रभाव है। दूसरा, हिंद महासागर डिपोल पर नजर रखी जाती है, जो भूमध्यरेखीय हिंद महासागर के पश्चिमी और पूर्वी किनारों के अलग तापमान के कारण होता है। तीसरा, उत्तरी हिमालय और यूरेशियाई भूभाग पर बर्फ के आवरण को देखा जाता है।


हिंद महासागर में डिपोल की स्थितियां और उत्तरी गोलार्ध में बर्फ का आवरण भारतीय दक्षिण-पश्चिम मानसून के लिए अनुकूल हैं। अल नीनो मानसून का मौसम शुरू होने तक कमजोर पड़ जाएगा।


-डॉ. मृत्युंजय महापात्र, प्रमुख, आईएमडी