लखनऊ। राजधानी में परिषदीय विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था पर शीतलहर का सीधा असर देखने को मिला। शीतकालीन अवकाश के बाद शुक्रवार से विद्यालय तो खुल गए लेकिन कड़ाके की ठंड के चलते छात्रों की उपस्थिति 10 फीसदी से भी कम रही। कई विद्यालयों में कक्षाएं नाम मात्र की चलीं, जबकि कुछ बच्चे बिना निर्धारित ड्रेस के स्कूल पहुंचे।
शीतलहर और मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए बीते 15 दिनों से विद्यालय बंद थे। शुक्रवार को मौसम साफ रहने की उम्मीद थी, लेकिन बृहस्पतिवार रात से ही ठंडी हवाओं के साथ गलन बढ़ गई। शुक्रवार सुबह हालात ऐसे रहे कि आम लोग भी अलाव तापते नजर आए,
जिससे अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजने से परहेज किया।
विद्यालयों में कक्षाओं के भीतर पढ़ाई के बजाय शिक्षक बच्चों को धूप में बैठाकर पढ़ाते दिखे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विपिन कुमार ने बताया कि शनिवार को विद्यालयों की स्थिति का निरीक्षण किया जाएगा और यह
सुनिश्चित किया जाएगा कि शिक्षण कार्य सुचारू रूप से संचालित हो।
खंड शिक्षा अधिकारी प्रवेंद्र शुक्ला के अनुसार, नरही स्थित परिषदीय विद्यालय में पंजीकृत 94 छात्रों में से केवल 20 ही उपस्थित रहे। महानगर क्षेत्र के 35 पीएससी परिषदीय विद्यालयों में पंजीकृत 293 में से 43 विद्यार्थियों ने उपस्थिति दर्ज कराई। उच्च प्राथमिक विद्यालय जियामऊ में 105 में से केवल 16 बच्चे स्कूल पहुंचे। शिक्षकों का कहना है कि अत्यधिक ठंड के कारण अधिकांश अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से बच रहे हैं। यही स्थिति अन्य परिषदीय विद्यालयों में भी देखने को मिली।

