नई दिल्ली, नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज द्वारा नीट-पीजी 2025-26 के लिए क्वालिफाइंग कट-ऑफ पर्सेंटाइल कम किए जाने के खिलाफ शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है।
याचिका में कहा कि पोस्टग्रेजुएशन मेडिकल शिक्षा के लिए क्वालिफाइंग मानकों में कमी न सिर्फ मनमाना है बल्कि यह संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन है।
डॉ. सौरभ कुमार और डॉ. लक्ष्य मित्तल एवं अन्य की ओर से दाखिल याचिका में दावा किया गया कि दाखिले के मानकों को कम करने से मरीजों की सुरक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य और मेडिकल पेशे की अखंडता को खतरा है। इसमें कहा गया कि चिकित्सा कोई सामान्य पेशा नहीं है, यह सीधे तौर पर मानव जीवन, शारीरिक अखंडता और गरिमा से जुड़ा है। राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड ने पीजी मेडिकल की खाली सीटों को भरने के लिए क्वालिफाइंग कट ऑफ में कमी की है।
याचिका में कहा गया कि कट ऑफ कम करना योग्यता को एक मानदंड खत्म करने के समान है।

