*बिना सूची और काउंसलिंग मनमाने तरीके से समायोजन*
*संत कबीर नगर में प्राथमिक शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष ने लगाया गंभीर आरोप*
अतहरुल बारी| छपिया छितौना(खलीलाबाद), संतकबीर नगर
*संत कबीर नगर जनपद में चल रही शिक्षक समायोजन प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष अंबिका देवी यादव ने आरोप लगाया है कि समायोजन-3 के तहत शिक्षकों की सूची जारी किए बिना और बिना काउंसलिंग कराए मनमाने तरीके से समायोजन किया गया है। उन्होंने पूरी प्रक्रिया को अपारदर्शी बताया है।*
अंबिका देवी यादव ने कहा कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) द्वारा न तो सरप्लस शिक्षकों की सूची सार्वजनिक की गई और न ही आवश्यकता वाले विद्यालयों की सूची जारी की गई। जबकि अन्य जनपदों में काउंसलिंग के माध्यम से पारदर्शिता के साथ समायोजन किया गया, संत कबीर नगर में यह प्रक्रिया पूरी तरह गोपनीय रखी गई।
संघ का आरोप है कि समायोजन में कई स्तर पर अनियमितताएं की गई हैं। 150 से कम छात्र संख्या वाले प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को हटाकर उन्हें फिर से 150 से कम नामांकन वाले दूसरे विद्यालयों में प्रधानाध्यापक के पद पर ही तैनात कर दिया गया। वहीं, जिन विद्यालयों में प्रथम और द्वितीय चरण में शिक्षकों का समायोजन किया गया था, उन्हीं विद्यालयों से तृतीय चरण में शिक्षकों को हटा दिया गया।
जिलाध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि महिला शिक्षकों की अनदेखी करते हुए उन्हें दूर-दराज के विद्यालयों में समायोजित किया गया है। कुछ शिक्षकों को टीईटी उत्तीर्ण न होने का हवाला देकर रोका गया है, जबकि इस संबंध में विभाग द्वारा कोई स्पष्ट या आधिकारिक पत्र जारी नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा भी इस मामले में रिव्यू पिटीशन दाखिल की गई है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि समायोजन प्रक्रिया में अनियमितताएं पाई गईं तो उच्चाधिकारियों से शिकायत की जाएगी और शिक्षक हित में संगठनात्मक आंदोलन छेड़ा जाएगा।

