09 February 2026

अनुदेशकों में 17 हजार मानदेय व एरियर मिलने का रास्ता साफ

 उरई। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य कराने वाले अनुदेशकों में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद खुशी का माहौल है। न्यायालय ने अनुदेशकों को 17 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय देने और वर्ष 2017 से बकाया एरियर भुगतान का आदेश दिया है। अनुदेशक संघ ने फैसले का स्वागत किया है।



अनुदेशक संघ के जिलाध्यक्ष प्रभाकर दुबे ने बताया कि वर्ष 2013 में परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को देखते हुए सरकार ने अनुदेशकों की भर्ती की थी। शुरुआत में उन्हें सात हजार रुपये मानदेय दिया जाता था। वर्ष 2017 में इसमें 1470 रुपये की वृद्धि की गई और 2019 तक 8470 रुपये मानदेय दिया गया। बाद में विभाग ने इस वृद्धि को अनुचित बताते हुए 1470 रुपये की रिकवरी कराई थी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाकर नौ हजार रुपये किया गया, जबकि नियमानुसार वर्ष 2017 से ही 17 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाना था। कम मानदेय के चलते अनुदेशकों के परिवार लंबे समय से आर्थिक संकट से जूझ रहे थे। सुप्रीम कोर्ट ने अनुदेशकों के पक्ष में फैसला देते हुए स्पष्ट किया है कि सभी अनुदेशकों को 17 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा तथा वर्ष 2017 से बकाया धनराशि का भुगतान एरियर के रूप में किया जाएगा। जिले में वर्तमान में 201 अनुदेशक कार्यरत हैं, जो शिक्षकों के समान शैक्षणिक कार्य कर रहे हैं। इस फैसले पर अनुदेशक संघ के जिला महासचिव रवि कुमार, उपाध्यक्ष उदयवीर निरंजन, संजय वर्मा, महेंद्र यादव सहित अन्य अनुदेशकों ने खुशी जताते हुए न्यायालय के निर्णय का स्वागत किया है।