लखनऊ : उप्र बीटीसी
शिक्षक संघ ने अंतरजनपदीय स्थानांतरण के बाद शिक्षकों की वरिष्ठता समाप्त होने की वर्तमान व्यवस्था पर आपत्ति जताई है। रविवार को राजधानी में आयोजित संघ की प्रांतीय कोर कमेटी की बैठक में पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश स्तर पर नियुक्ति और प्रदेश स्तर पर ही स्थानांतरण होने की स्थिति में वरिष्ठता भी मौलिक नियुक्ति की तिथि से तय होनी चाहिए, न कि नए विद्यालय में कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से।
संघ का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था के तहत स्थानांतरण के बाद शिक्षकों को नए विद्यालय में सबसे कनिष्ठ मान लिया जाता है। इससे वे वरिष्ठता के लाभ से वंचित हो जाते हैं और पदोन्नति की प्रक्रिया में सबसे पीछे चले जाते हैं। प्रांतीय अध्यक्ष अनिल यादव ने बताया कि बीते वर्ष एक चरण में करीब 27 हजार और दूसरे चरण में लगभग 20 हजार शिक्षकों का अंतरजनपदीय स्थानांतरण हुआ, जिससे कुल 47 हजार शिक्षक वरिष्ठ से कनिष्ठ हो गए हैं। शिक्षकों को गैर-शैक्षिक कार्यों से मुक्त करने की सीएम से हस्तक्षेप की अपील भी की गई

