लखनऊ। बीएलओ बने प्राइमरी शिक्षकों के वेतन रोकने की धमकी प्रधानाध्यापकों को भारी पड़ सकती है। निर्वाचन आयोग ने ऐसे शिक्षकों के वेतन रोकने की धमकी को गंभीरता से लेते हुए इसे निर्वाचन कार्य में बाधा मानते हुए प्रधानाध्यापकों विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। आयोग ने बीएसए व जिला प्रशासन के माध्यम से ऐसे प्रधानाध्यापकों को सचेत करते हुए लिखा है कि एसआईआर में लगे कर्मियों का वेतन रोकना या काटना निर्वाचन कार्य में अनावश्यक हस्तक्षेप है। आयोग के पास दो दर्जन से ज्यादा जिलों से ऐसी शिकायतें मिली हैं, जिसमें कहा गया है प्रधानाध्यापकों ने बीएलओ की ड्यूटी में लगे शिक्षकों व शिक्षामित्रों को लगातार लम्बे समय से अनुपस्थित रहने पर कह रहे हैं कि इससे शिक्षण कार्य बाधित हो रहा है। इसलिए उनका वेतन रोका या काटा जा सकता है।
श्रावस्ती जिले की भिनगा तहसील के उच्च प्राथमिक विद्यालय रामपुर देवमन के प्रधानाध्यापक ने बीएलओ की ड्यूटी कर रहे विद्यालय के शिक्षामित्र का वेतन रोकने के साथ कई अन्य गंभीर चेतावनी दी है। उसने इसकी जानकारी निर्वाचन आयोग को दी है। वहां के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए बीएसए को लिखा कि विधानसभा व पंचायत चुनाव कार्य में लगे कर्मियों को वेतन काटने या रोकने की धमकी निर्वाचन कार्य में हस्तक्षेप माना जाएगा। लिहाजा ऐसे प्रधानाध्यापक को सचेत करें कि वह वस्तुस्थिति की गंभीरता को समझें अन्यथा ऐसे कृत्य को आयोग के कार्यों में बाधा मानते हुए प्रधानाध्यापक के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

