09 February 2026

बीएलओ की हार्ट अटैक से गई जान

 ठाकुरद्वारा। गांव रामूवाला गनेश में बूथ संख्या 174 पर एसआईआर का कार्य कर रहे बीएलओ की शनिवार को हार्ट अटैक से मौत हो गई। बीएलओ रामूवाला गनेश गांव के निवासी थे और गांव के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र के पद पर कार्यरत थे। एसडीएम प्रीति सिंह ने उनकी मौत हार्ट अटैक से होने की पुष्टि की है। रामसिंह (55) एसआईआर में गांव में ही बीएलओ का काम कर रहे थे।

 



शनिवार को वह स्कूल में पहुंचे थे, तभी सुबह 11 बजे उनके सीने में तेज दर्द हुआ। परिजन उन्हें पहले इलाज के लिए नगर के एक निजी चिकित्सक के यहां लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सक ने उनकी हालात गंभीर बताई। इस पर परिजन उन्हें काशीपुर के एक निजी अस्पताल में ले गए। वहां डॉक्टर ने उन्हें देखने के बाद मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर ने बताया कि राम सिंह की मौत हार्ट अटैक से हुई है। परिजन उनके शव को घर पर ले आए।

 

राम सिंह के भतीजे अर्जुन सिंह ने बताया कि कुछ समय से वह तनाव महसूस कर रहे थे। उनकी तबीयत कुछ दिन से खराब थी। वह ठाकुरद्वारा के किसी डॉक्टर से दवा लेकर आए थे। शनिवार को अचानक उनके सीने में तेज दर्द हुआ। उन्हें इलाज के लिए काशीपुर ले जाते समय उनकी रास्ते में ही मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि एसआईआर के काम के दबाव के कारण उनकी मौत हुई है।

परिजनों के अनुसार एसआईआर का काम इतना अधिक था कि उनका पुत्र राजकुमार भी उनके काम में हाथ बंटाता था, लेकिन 24 घंटे काम करने के बाद भी काम पूरा नहीं हो पा रहा था। बीएलओ के परिवार में पत्नी मुनेश देवी के अलावा उनके तीन पुत्र अमित कुमार, राजकुमार और अंकित कुमार हैं। अंकित कुमार दिल्ली में किसी निजी कंपनी में काम करते हैं।

बीएलओ की मौत से परिजन बेहाल थे। परिजनों ने चुनाव आयोग और सरकार से मृतक के परिजनों को मुआवजा और एक पुत्र को उनके स्थान पर नौकरी देने की मांग की है। प्राथमिक विद्यालय की इंचार्ज अध्यापिका सृष्टि सिंह ने बताया कि उनकी मौत के बाद स्कूल में छुट्टी कर दी गई। स्कूल आते समय ही रास्ते में उनकी तबीयत खराब हो गई थी। ग्राम प्रधान मदन पाल सिंह, विभिन्न परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों और ग्रामीणों ने उनके आवास पर पहुंचकर उनकी मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया।

एसडीएम प्रीति सिंह ने राम सिंह की मौत हार्ट अटैक से होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि वह अपनी रिपोर्ट डीएम को भेजेंगी। डीएम के माध्यम से ही बीएलओ की मौत की जानकारी चुनाव आयोग को भेजी जाएगी।