प्रयागराज, यूपी बोर्ड की 18 फरवरी से शुरू हो रही हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के दौरान राजकीय और अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय के सभी शिक्षकों को कम से कम 20 पाली का कक्ष निरीक्षण अनिवार्य रूप से करना होगा। परीक्षा केंद्र बने वित्तविहीन विद्यालयों में राजकीय और एडेड कॉलेज के 50 प्रतिशत स्टाफ की नियुक्ति के निर्देश दिए गए हैं।
यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने सभी संयुक्त शिक्षा निदेशकों और जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देशित किया है कि बोर्ड परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने तथा परीक्षा के सफल संचालन के लिए जिनकी केंद्र व्यवस्थापक तथा कक्ष निरीक्षक के रूप में ड्यूटी लगाई गई है उनके स्तर से लापरवाही या जानबूझकर अनुपस्थित होने पर अनुशासनात्मक एवं विधिक कार्रवाई की जाए। प्रत्येक परीक्षा कक्ष में दो कक्ष निरीक्षक नियुक्त किए जाएंगे।
स्ट्रांग रूम में रखनी होगी लोहे की चार आलमारी : परीक्षा केंद्र पर स्ट्रांग रूम में पालीवार प्रश्नपत्रों के सुरक्षित रख-रखाव, अवशेष प्रश्नपत्रों तथा बंडल स्लिप को रखने के लिए कुल चार लोहे की डबल लॉकयुक्त आलमारी की व्यवस्था की जाएगी। दोनों पालियों के मुख्य प्रश्नपत्र सेट के सुरक्षित रखरखाव के लिए दो आलमारी रहेगी। तीसरी आलमारी में बचे हुए प्रश्नपत्र रखे जाएंगे जबकि चौथी आलमारी में रिजर्व सेट के प्रश्नपत्रों के पैकेट रखने होंगे।

