23 February 2026

194 शिक्षकों की पदोन्नति रद्द, बीएसए ने दिए रिकवरी के आदेश

 






बेसिक शिक्षा विभाग में वर्ष 2017-18 में दी गई नोशनल पदोन्नति यानी कागजों में पदोन्नति देने को रद्द कर दिया गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने तत्कालीन बीएसए द्वारा जारी 16 कार्यालय आदेशों को निरस्त कर दिया है। इन आदेशों के तहत 15 जनवरी 2018 से 31 मार्च 2018 के बीच 194 शिक्षकों व शिक्षिकाओं को कनिष्ठ-वरिष्ठ वेतन समानता का लाभ दिया गया 



वित्त एवं लेखाधिकारी (बेसिक शिक्षा) की आख्या 9 फरवरी 2026 के आधार पर की गई जांच में पाया गया कि शासनादेश 15 फरवरी 2007 एवं 06 सितंबर 2005 की गलत व्याख्या करते हुए यह लाभ प्रदान किया गया। शासनादेश के अनुसार वरिष्ठ शिक्षक का वेतन केवल विशेष परिस्थितियों में ही कनिष्ठ के बराबर किया जा सकता है, जब चयन वेतनमान और पदोन्नति के कारण वेतन विसंगति उत्पन्न हुई हो। इसे सामान्य रूप से लागू नहीं किया जा सकता। 




बीएसए ने बताया कि उनकी जांच मेंसामने आया कि 25 शिक्षकों को यह लाभ दो या तीन बार तक दे दिया गया। उदाहरण के तौर पर अनिल कुमार शर्मा, प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय रामगढ़ को 24 फरवरी 2018, 22 मार्च 2018 और 27 मार्च 2018 को जारी अलग-अलग आदेशों के माध्यम से तीन बार लाभ प्रदान किया गया। 


बीएसए लता राठौड़ सभी ने 16 कार्यालय आदेशों को तत्काल प्रभाव से निरस्त करते हुए संबंधित 194 शिक्षकों का पुनः वेतन निर्धारण करने तथा अधिक भुगतान की गई धनराशि की रिकवरी के निर्देश दिए हैं। आदेश के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है और विभागीय स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बीएसए ने कहा कि गोलमाल किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।