लखनऊ, इस साल होने वाली जनगणना के लिए सरकार ने बजट में 90 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। प्रदेश में अप्रैल-मई में जनगणना की प्रक्रिया पूरी की जानी है।
कोविड-19 की वजह से 2021 में जनगणना नहीं हो सकी थी। महामारी की स्थिति को टाल दिया गया था। इस साल प्रदेश में जनगणना के आंकड़े जुटाए जाएंगे। सभी जिलों में इसके लिए डीएम की अध्यक्षता में कमेटियां बना दी गई हैं और किसी भी तरह की सीमाओं के विस्तार आदि पर एक जनवरी से रोक प्रभावी है। जनगणना का काम प्रभावी तौर आगे बढ़े, इसके लिए सरकार ने 90 करोड़ का बजट में प्रावधान किया है। इस रकम का इस्तेमाल जनगणना के लिए जरूरी संसाधन जुटाने, कर्मचारियों का प्रशिक्षण और लॉजिस्टिक जुटाने में किया जाएगा।
आउटसोर्स सेवा निगम के लिए 20 करोड़ रुपये
आउटसोर्स कर्मचारियों का उत्पीड़न रोकने और उनकी सामाजिक सुरक्षा मजबूत करने के लिए सरकार ने आउटसोर्स सेवा निगम गठित किया है। निगम के संचालन के लिए सरकार ने 90 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। आउटसोर्स निगम आउटसोर्स से लिए जाने वाले कर्मचारियों की सेवाशर्तें देखेगी।

