प्रदेश सरकार राज्य में रोजगार के अवसरों का विस्तार करेगी। इसके लिए उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन समिति का गठन किया जाएगा। बजट में इस समिति के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही प्रदेश सरकार का श्रमिकों के बच्चों का भविष्य संवारने पर भी फोकस है। योगी सरकार की महत्वाकांक्षी अटल आवासीय विद्यालयों के लिए भी बजट में धनराशि दी गई है। अपने घर और गांव से दूर शहरों में कार्यरत मजदूरों के लिए लेबर अड्डों के निर्माण का काम तेज कर श्रमिकों को संगठित, सुरक्षित और व्यवस्थित कार्यस्थल उपलब्ध कराने की पहल की गई है।
उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन समिति को संस्थागत मजबूती दी गई है। इसके माध्यम से श्रमिकों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
शिक्षा और स्वास्थ्य से श्रमिकों का सशक्तीकरण
बजट में श्रमिक परिवारों के सामाजिक उत्थान को भी प्राथमिकता दी गई है। अटल आवासीय विद्यालयों से कक्षा 6 से 12 तक निःशुल्क आवासीय शिक्षा प्रदान की जा रही है। वर्तमान में श्रमिकों के 10,876 बच्चे पढ़ रहे हैं। इस योजना के लिए बजट में 70 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। वित्त मंत्री ने बताया कि निर्माण श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण और स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान करने के लिए पहली बार मोबाइल हेल्थ वैन का संचालन पायलट प्रोजेक्ट के रूप में किया गया है। पंजीकृत असंगठित श्रमिकों की दुर्घटना में मृत्यु या पूर्ण दिव्यांगता की स्थिति में 2 लाख रुपये की व्यवस्था है।

