मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी मंडलायुक्त व डीएम को जनसुनवाई को और प्रभावी बनाने के लिए कड़े निर्देश दिए हैं। कहा है कि जिलाधिकारी व उपजिलाधिकारी कार्यालय में जनसुनवाई के दौरान मिलने वाली शिकायतों को अनिवार्य रूप से जनसुनवाई पोर्टल पर अपलोड किया जाए। उन्होंने अधिक संख्या में शिकायतों को स्पेशल क्लोज किए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई और अधिकारियों को कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
मुख्य सचिव ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए साप्ताहिक समीक्षा बैठक में कहा कि सभी मंडलायुक्त व डीएम निर्धारित समय पर जनसुनवाई में बैठें तथा यह सुनिश्चित करें कि अधीनस्थ अधिकारी भी निर्धारित समय पर कार्यालय में उपस्थित रहें। कहा कि जिन 10 जिलों चित्रकूट, ललितपुर, महाराजगंज, बस्ती, जौनपुर, बांदा, बरेली, शाहजहांपुर, प्रतापगढ़ व जालौन में सबसे अधिक शिकायतें स्पेशल क्लोज की गई हैं, उनसे स्पष्टीकरण लिया जाए। कहा कि केवल वे शिकायतें ही स्पेशल क्लोज की जाएं, जो वास्तव में इस श्रेणी में आती हों। अन्य शिकायतों को अनावश्यक रूप से इस श्रेणी में बंद करना स्वीकार्य नहीं होगा। मुख्यमंत्री कार्यालय इसकी निरंतर मानीटरिंग की जा रही है। जिन शिकायतों पर असंतुष्ट फीडबैक प्राप्त होता है तथा जो शिकायतें स्पेशल क्लोज की गई हैं, उनकी डीएम नियमित समीक्षा करें। अनावश्यक रूप से स्पेशल क्लोज करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
सीएम युवा योजना में 35 हजार आवेदन शेष
मुख्य सचिव ने बताया कि इस वर्ष सीएम योजना के तहत 1.5 लाख का लक्ष्य है, जिसमें 35,000 आवेदन शेष हैं। वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले डीएम संबंधित विभागों व बैंक अधिकारियों के साथ बैठक कर योजना को गति दें और शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया जाए। उन्होंने लखपति दीदी कार्यक्रम, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना व पीएम सूर्यघर योजना की भी समीक्षा की। कहा कि पीएम सूर्यघर योजना के तहत प्रतिदिन लगभग एक हजार सोलर इंस्टालेशन हो रहे हैं। सभी मंडलायुक्त व डीएम कार्यालयों तथा आवासों को सोलराइज किया जाए।

