एसआईआर: प्रदेश में 3.23 करोड़ मतदाताओं को जारी हुआ नोटिस, सुनवाई के लिए 13,161 अधिकारी नियुक्त
लखनऊ। प्रदेश में मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के लिए चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) के तहत अब तक 3 करोड़ 23 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। यह जानकारी मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने दी।
उन्होंने बताया कि मतदाता सूची में मैपिंग न होने और तार्किक विसंगतियों के कारण कुल 3 करोड़ 26 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाने हैं, जिनमें से अब तक 3 करोड़ 23 लाख नोटिस जारी हो चुके हैं। इनमें से 1 करोड़ 58 लाख से अधिक नोटिसों पर बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा कार्रवाई की जा चुकी है, जबकि लगभग 90 लाख मामलों में सुनवाई पूरी हो चुकी है।
सुनवाई के लिए 13,161 अधिकारी नियुक्त
मतदाताओं की सुनवाई के लिए प्रदेशभर में कुल 13,161 अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इनमें 403 निर्वाचक रजिस्ट्रेशन अधिकारी (ERO) और 12,758 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रेशन अधिकारी (AERO) शामिल हैं। एसआईआर-2003 से मैपिंग न होने के कारण 1.04 करोड़ मतदाताओं को भी नोटिस भेजे जा रहे हैं।
चुनाव आयोग देगा अधिकारियों को प्रशिक्षण
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जून और सितंबर 2025 में प्रशिक्षण से वंचित रह गए जिला निर्वाचन अधिकारियों और ईआरओ को उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (UPAM), लखनऊ में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण में चित्रकूट, बलरामपुर, बस्ती, हाथरस, श्रावस्ती और कौशांबी सहित 6 जिलों के अधिकारी तथा 46 निर्वाचक रजिस्ट्रेशन अधिकारी भाग लेंगे।
2.22 करोड़ मतदाताओं को दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश
चुनाव आयोग ने जन्मतिथि और जन्मस्थान से संबंधित विसंगतियों वाले 2.22 करोड़ मतदाताओं को भी नोटिस जारी किए हैं। ऐसे मतदाताओं को संबंधित प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने होंगे। मतदाता स्वयं उपस्थित होकर या अपने अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से निर्धारित दस्तावेज जमा कर सकते हैं।
मतदाता सूची को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने की प्रक्रिया जारी है, जिससे आगामी चुनावों में निष्पक्ष और सटीक मतदान सुनिश्चित किया जा सके।

