29 April 2026

जनगणना कार्य से इनकार, 142 शिक्षकों पर बर्खास्तगी की तलवार

 

दिल्ली में 142 अतिथि शिक्षकों को जनगणना कार्य करने से इनकार करने के आरोप में बर्खास्त किया जा सकता है। प्रशासन ने इस मामले को गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता माना है।



पुरानी दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट ने 24 अप्रैल को शिक्षा निदेशक को पत्र लिखकर बताया कि इन शिक्षकों ने 16 अप्रैल को दिए गए निर्देशों के बावजूद जनगणना कर्ता के रूप में अपनी ड्यूटी निभाने से मना कर दिया। पत्र में कहा गया कि यह रवैया कर्तव्य की अवहेलना है और जनहित के खिलाफ है। साथ ही चेतावनी दी गई कि ऐसे व्यवहार से जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य पर नकारात्मक

असर पड़ सकता है और अन्य कर्मचारियों में भी अनुशासन कमजोर हो सकता है।


जिला मजिस्ट्रेट ने इन शिक्षकों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की सिफारिश की है। प्रशासन का मानना है कि यदि ऐसे मामलों पर सख्ती नहीं बरती गई, तो पूरी प्रक्रिया बाधित हो सकती है। वहीं, दिल्ली सरकारी शिक्षक संघ (जीटीए) ने इस प्रस्तावित कार्रवाई का विरोध किया है। संघ के महासचिव अजय वीर ने शिक्षा मंत्री आशीष सूद को पत्र लिखकर बर्खास्तगी का फैसला वापस लेने की मांग की है। संघ का कहना है कि शिक्षकों का इनकार जानबूझकर नहीं था, बल्कि संसाधनों की कमी, व्यावहारिक दिक्कतों और कम पारिश्रमिक के कारण यह स्थिति बनी।