29 April 2026

15 साल से अधिक आयु वालों को साक्षर बनाने की मुहिम

 


प्रयागराज,। उत्तर प्रदेश के निरक्षरों में पढ़ने-लिखने को लेकर उत्साह बढ़ता जा रहा है। 15 साल या उससे अधिक आयु के गैर-साक्षर प्रौढ़ व्यक्तियों को कार्यात्मक साक्षरता प्रदान करने की दिशा में प्रदेश में उत्साहजनक काम देखने को मिल रहा है।


नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत पिछले चार शैक्षणिक सत्र में साढ़े सात लाख से अधिक असाक्षरों को लिखना-पढ़ना सिखाया जा चुका है। इसके अलावा 2025-26 सत्र में परीक्षा देने वाले तकरीबन 4.5 लाख असाक्षरों को परिणाम का इंतजार है। उम्मीद है राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) से परिणाम जारी होने के बाद साक्षर होने वालों की संख्या दस लाख से अधिक हो जाएगी। साक्षरता, वैकल्पिक शिक्षा, उर्दू एवं प्राच्य भाषाएं के निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी ने बताया कि 2025-26 सत्र में प्रदेश में कुल 542106 असाक्षर चिह्नित किए गए थे जिनमें से पहले चरण में 143946 ने परीक्षा दी थी। इनमें से 122146 पास हो गए और उन्हें साक्षर होने का प्रमाणपत्र दिया जा चुका है। दूसरे चरण में 15 से अधिक आयु के तकरीबन 4.5 लाख असाक्षरों ने परीक्षा दी है जिसका परिणाम अभी घोषित नहीं हुआ है।

पिछले वर्षों के परिणाम को आधार मानें तो 3.5 से चार लाख व्यक्तियों की दूसरे चरण की परीक्षा में पास होने की उम्मीद है। निदेशक ने बताया कि 2026-27 सत्र के लिए दस लाख असाक्षरों को साक्षर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

शिक्षा मंत्रालय की प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड (पीएबी) की बैठक में नए सत्र के लक्ष्य को प्रस्तुत किया गया है। मंजूरी मिलने के बाद अगले सत्र का काम शुरू होगा।

4.5 लाख निरक्षरों को परिणाम का इंतजार दूसरे चरण में

1.25 लाख ने पास की परीक्षा इस साल पहले चरण में ही

आंकड़ों पर एक नजर


| सत्र | चिह्नित असाक्षर | परीक्षा में शामिल | सफल |

| :--- | :--- | :--- | :--- |

| 2022-23 | 524589 | 146141 | 81784 |

| 2023-24 | 434398 | 374333 | 99680 |

| 2024-25 | 358512 | 315274 | 267160 |

| 2025-26 | 542106 | 143946 | 122146 (पहला चरण) |