29 April 2026

डिजिटल अरेस्ट पर अंकुश को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल: सुप्रीम कोर्ट में केंद्र ने दी जानकारी, व्हाट्सएप ने 9400 एकाउंट किए हैं ब्लाक

 डिजिटल अरेस्ट पर अंकुश को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल

, नई दिल्ली : केंद्र ने डिजिटल अरेस्ट के मामले में सुप्रीम कोर्ट में दाखिल स्थिति रिपोर्ट में कहा कि वह डिजिटल अरेस्ट और साइबर धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने के लिए सभी जांच एजेंसियों के साथ मिल कर काम कर रही है। आने वाले दिनों में कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जैसे-साइबर धोखाधड़ी के संदिग्ध खातों में रकम ट्रांसफर पर अस्थायी रोक (टम्परेरी डेबिट होल्ड), सिम वैरिफिकेशन में कड़ाई, व्हाट्सएप का सिम बाइंडिंग तंत्र लागू करना, लंबी स्कैम काल को चिन्हित करना और उस पर रोक लगाना, चूंकि लंबी स्कैम काल डिजिटल अरेस्ट के मामलों में होती हैं। इसके अलावा, व्हाट्सएप ने जनवरी से लेकर मार्च तक 12 सप्ताह में डिजिटल अरेस्ट और साइबर धोखाधड़ी में शामिल 9,400 एकाउंट्स पर प्रतिबंध लगाया है।

डिजिटल अरेस्ट के मामले में सुप्रीम कोर्ट स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई कर रहा है। कोर्ट ने सरकार से सभी एजेंसियों के साथ मिल कर डिजिटल गिरफ्तारी और साइबर धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने के उपाय करने को कहा था और कई निर्देश दिए थे। सुप्रीम कोर्ट के गत 9 फरवरी के आदेश के अनुपालन में अटार्नी जनरल ने केंद्र सरकार की यह स्थिति रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल की है। स्टेटस रिपोर्ट इंडियन साइबर क्राइम (आइफोरसी) और गृह मंत्रालय की ओर से दाखिल की गई है। रिपोर्ट में सरकार ने बताया कि डिजिटल अरेस्ट, साइबर धोखाधड़ी के खतरे से निपटने के लिए टेलीकाम रेगुलेटर, सर्विस प्रोवाइडर, आरबीआई, टेक दिग्गज और सीबीआई को शामिल करते हुए बहुआयामी प्रयास और कार्रवाई की जा रही है। दूरसंचार विभाग और टेलीकाम सर्विस प्रोवाइडर ने फर्जी सिम कार्डों को निष्क्रिय करने के लिए नई समयसीमा तय की है। इसमें संदिग्ध सिम कार्डों की पहचान के दो-तीन घंटों में उन्हें ब्लाक करने का तंत्र विकसित करने पर काम चल रहा है। सीबीआई ने डिजिटल अरेस्ट की जांच अपने हाथ में लेने के लिए 10 करोड़ के नुकसान की समयसीमा तय की है। व्हाट्सएप ने सिम बाइंडिंग तंत्र लागू करने पर काम चलने की बात कही है। सिम बाइंडिंग एक सुरक्षा नियम है। किसी एप के काम करने के लिए जरूरी है कि केवाईसी सत्यापित सिम कार्ड फोन में मौजूद हो और चालू हालत में हो। अगर सिम कार्ड को फोन से निकाला जाता है या बदला जाता है, या वह बंद हो जाता है, तो वह एप काम करना बंद कर देगा। व्हाट्सएप ने बताया कि इस वर्ष जनवरी से भारतीयों को निशाना बनाने वाले डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी पर केंद्रित विशेष जांच शुरू की है। इस जांच में शुरुआती संकेतों की पहचान करना, नेटवर्क की मैपिंग करना, पूरे नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करना और बड़े पैमाने पर स्वचालित सुरक्षा तंत्र विकसित करना शामिल। रिपोर्ट के मुताबिक आरबीआई ने मनी म्यूल यानी अवैध लेनदेन से जुड़ी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए संदिग्ध लेनदेन पर अस्थायी रोक लगाने के बारे में एक स्टैंडर्ड आपरेटिंग सिस्टम को अंतिम रूप दिया है।

 * सुप्रीम कोर्ट में केंद्र ने दी जानकारी, व्हाट्सएप ने 9400 एकाउंट किए हैं ब्लाक

 * जल्द सिम बाइंडिंग तंत्र लागू, अवैध लेनदेन पर रोक को एसओपी होगी