29 April 2026

भीषण गर्मी में जनगणना ड्यूटी पर शिक्षकों की आपत्ति, अर्जित अवकाश की मांग

 



भीषण गर्मी में जनगणना ड्यूटी पर शिक्षकों की आपत्ति, अर्जित अवकाश की मांग



लखनऊ। प्रदेश में चल रही भीषण गर्मी और आगामी ग्रीष्मकालीन अवकाश के बीच जनगणना कार्य में लगाए गए शिक्षकों ने सरकार से राहत की मांग की है। इस संबंध में अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजकर जनगणना कार्य की तिथि आगे बढ़ाने या कार्य के बदले अर्जित अवकाश देने की मांग उठाई है।

ज्ञापन में बताया गया है कि 20 मई से 15 जून तक परिषदीय विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित है। इसी दौरान शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना कार्य में लगा दी गई है, जबकि प्रदेश में हीट वेव और लू का प्रकोप जारी है। शिक्षकों का कहना है कि इस भीषण गर्मी में फील्ड वर्क करना स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण है।

शिक्षक नेताओं ने यह भी उल्लेख किया कि गृह मंत्रालय द्वारा हाउस लिस्टिंग एवं हाउस सेंसस का कार्य 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 तक निर्धारित किया गया है। ऐसे में मौसम सामान्य होने पर यह कार्य कराना अधिक व्यावहारिक और सुरक्षित रहेगा।

संगठन के अध्यक्ष विनय कुमार तिवारी और महामंत्री उमाशंकर सिंह ने मांग की है कि यदि जनगणना कार्य ग्रीष्मकालीन अवकाश में ही कराया जाता है तो शिक्षकों को इसके एवज में अर्जित अवकाश प्रदान किया जाए। उनका कहना है कि अवकाश अवधि में कार्य लेने के बावजूद किसी प्रकार की छुट्टी नहीं दी जा रही, जो न्यायोचित नहीं है।

संगठन ने मुख्यमंत्री से इस विषय में शीघ्र निर्णय लेकर शिक्षकों को राहत प्रदान करने की अपील की है।