विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने का एक नायाब तरीका है सरकार बस इसे लागू कर दे फिर देखिए।
1. सरकार DBT का पैसा सीधा अभिभावक के खागे न भेज कर स्कूलों में सामग्री भिजवा दें और वही से बंट जाए जैसे पहले होता था, DBT का दोहरा नुकसान है, पहला मां बाप बच्चों को ड्रेस आदि नहीं दिलाते बच्चे बेचारे पुराने कपड़ों में आते है, दूसरा अभिभावक उन्हीं पैसे से अपने बच्चे को निजी विद्यालयों में नाम लिखवा देता है । इतना परिवर्तन करने से नामांकन और उपस्थिति में 20% कि वृद्धि तय है।
2. किसी भी सरकारी लाभ जैसे राशन,आवास आदि के लिए विद्यालय से बच्चे का नामांकन और उपस्थिति का प्रमाणपत्र मांग लिया जाए, जब विद्यालय प्रमाणित करे कि बच्चा नामांकित है और विद्यालय आता है तभी उस माह का राशन दिया जाए, मुझे लगता है ये नियम आते ही 25% नामांकन और 50% उपस्थिति बढ़ जाएगी।
सिर्फ शिक्षकों पर दबाव डालने से काम नहीं चलेगा, थोड़ा अभिभावक की जिम्मेदारियों को तय कर दीजिए फिर देखिए।
