📰 TET अनिवार्यता पर सुप्रीम कोर्ट में बड़ा अपडेट: रिव्यू याचिकाओं पर बढ़ी हलचल
नई दिल्ली | 03 अप्रैल 2026
TET (Teacher Eligibility Test) अनिवार्यता को लेकर देशभर के शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। टेट अनिवार्यता के आदेश के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिकाओं (Review Petitions) को लेकर सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में गतिविधियां तेज हो गई हैं, जिससे संकेत मिल रहा है कि जल्द ही इस मामले में सुनवाई आगे बढ़ सकती है।
🔍 रिव्यू याचिकाओं की वर्तमान स्थिति
- कुल दाखिल पुनर्विचार याचिकाएं: 45
- जिन याचिकाओं से डिफेक्ट (दोष) हटाया जा चुका है: 28
- अभी भी डिफेक्ट वाली याचिकाएं: 17
रजिस्ट्री स्तर पर इन याचिकाओं की जांच और प्रक्रिया तेजी से चल रही है, जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि शेष याचिकाओं के दोष भी जल्द दूर किए जा सकते हैं।
📌 किन याचिकाओं में अभी भी डिफेक्ट बाकी?
03 अप्रैल 2026 तक जिन 17 याचिकाओं में डिफेक्ट बना हुआ है, उनमें प्रमुख नाम शामिल हैं:
- दिल्ली अध्यापक परिषद
- ओडिशा राज्य
- श्यामली हालदार
- केरल राज्य
- आंध्र प्रदेश राज्य
- रमेश तुकाराम बांकर
- तमिलनाडु ग्रेजुएट टीचर्स फेडरेशन
- पश्चिम बंगाल राज्य
- नुरुन्नेसा खातून एवं चिन्मय घोष
- पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड
- बंगीय प्राथमिक शिक्षक समिति
- बिधान कुमार मंडल
- उत्तराखंड राज्य
- आंध्र प्रदेश टीचर्स फेडरेशन
- तेलंगाना राज्य
- उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ
⚖️ क्या है मामला?
टेट अनिवार्यता को लेकर विभिन्न राज्यों के शिक्षक संगठनों और अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिकाएं दाखिल की हैं। इन याचिकाओं में कोर्ट के पूर्व आदेश को चुनौती दी गई है और शिक्षकों को राहत देने की मांग की गई है।
📊 आगे क्या उम्मीद?
- रजिस्ट्री में तेजी से हो रही प्रक्रिया से संकेत मिल रहे हैं कि जल्द ही सुनवाई की तारीख तय हो सकती है
- जिन याचिकाओं में अभी डिफेक्ट है, उन्हें दूर करने के लिए संबंधित पक्ष सक्रिय हैं
- सभी याचिकाओं के सही पाए जाने के बाद मामला सुनवाई के लिए सूचीबद्ध होगा
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TET अनिवार्यता का मुद्दा देशभर के लाखों शिक्षकों से जुड़ा हुआ है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट में चल रही इस प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में बड़ा फैसला या सुनवाई की तारीख सामने आ सकती है।
✍️ यह अपडेट उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। आधिकारिक पुष्टि के लिए न्यायालय की वेबसाइट या आदेश का इंतजार करें।

