16 May 2026

प्राथमिक स्कूल बनने तक जूते-चप्पल और कुर्ता-शर्ट नहीं पहनूंगा

 

यूपी के कानपुर में परमट प्राथमिक विद्यालय-1 में स्मार्ट क्लास के शिलान्यास कार्यक्रम के लिए पुलिस द्वारा रोके जाने पर सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने काकादेव स्थित अपने आवास पर ही परिवार और समर्थकों के साथ वर्चुअल शिलान्यास किया। शिलापट का पूजन कर उन्हें सुरक्षित रखा और कहा कि स्कूल में पुर्ननिर्माण शुरू होने पर इन्हीं शिलापट को रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि मैंने संकल्प ले लिया है- जब तक स्कूल में निर्माण शुरू नहीं हो जाता, तब तक नंगे पैर रहूंगा। कुर्ता या शर्ट नहीं पहनूंगा। केवल बनियान और अंगवस्त्र ही पहनूंगा। उन्होंने घर पहुंचे एडीएम सिटी राजेश कुमार को राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन भी दिया। इसके बाद वह समर्थकों के साथ नंगे पैर आनंदेश्वर मंदिर पहुंचे और दर्शन किए।




बता दें कि परमट स्कूल के शिलान्यास को लेकर भाजपा नेता सुरेश अवस्थी और अमिताभ के बीच विवाद छिड़ा है। यह जर्जर स्कूल सुरेश अवस्थी के घर के पास है और उन्होंने भाजपा सांसद रमेश अवस्थी की निधि से शिलान्यास का कार्यक्रम बनवा लिया था। उधर अमिताभ पहले ही शुक्रवार को शिलान्यास घोषित कर चुके थे। पर गुरुवार रात से ही उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया गया। वह सुबह करीब पौने 11 बजे पत्नी वंदना बाजपेई के साथ डमरू बजाते घर से नीचे उतरे। बाहर समर्थकों के साथ पुलिस फोर्स भी मौजूद रहा।


 

 बड़ी संख्या में विधायक के घर पहुंचे सपाई

बैरिकेडिंग के बाद भी बड़ी संख्या में सपाई अमिताभ के घर पहुंच गए। जब वह कार से जाने लगे तो तीन एसीपी ने उन्हें परमट जाने से रोक लिया। तब अमिताभ ने घर में ही शिलान्यास किया। हवन-पूजन के दौरान अमिताभ बाजपेई ने भारतीय संविधान की शपथ लेकर कहा, ‘यह लड़ाई किसी राजनीतिक लाभ या व्यक्तिगत अहंकार की नहीं है। गरीब बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मानजनक भविष्य की लड़ाई है। जब तक परमट के बच्चों का स्कूल बन नहीं जाता, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा। पुर्ननिर्माण शुरू होने तक नंगे पैर रहेंगे और ऊपरी शरीर पर शर्ट, टी-शर्ट या कुर्ता नहीं पहनेंगे और शालीनता, मर्यादा बनाए रखने के लिए सिर्फ बनियान या अंगवस्त्र धारण करेंगे’।


ज्ञापन में कठोर कार्रवाई की मांग

राज्यपाल को भेजे ज्ञापन में विधायक निधि से स्वीकृत विद्यालय पुनर्निर्माण कार्य में बाधा, जनप्रतिनिधि की सुरक्षा में लापरवाही, मजदूरों के साथ कथित मारपीट, अभद्र व्यवहार, धमकी, सोशल मीडिया पर एआई आधारित भ्रामक सामग्री प्रसारित करने और संबंधित अधिकारियों और व्यक्तियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग की गई है।