ईरान-अमेरिका में जारी जंग के चलते शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन रुपये प्रति लीटर इजाफा कर दिया गया। सीएनजी के दाम में भी दो रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई। घरेलू और व्यावसायिक रसोई गैस सिलेंडर पहले ही महंगे हो चुके हैं। ईंधन के दाम बढ़ने से महंगाई और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने के बाद सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने चार वर्ष बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की है। कीमतों में बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत कीमत 97.77 रुपये प्रति लीटर हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढोतरी के बावजूद तेल कंपनियों को पेट्रोल पर करीब 20 रुपये और डीजल पर 25 रुपये प्रति लीटर का नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि आने वाले वक्त में कीमतों में और इजाफा हो सकता है।
घरेलू सिलेंडर और पीएनजी ग्राहकों को राहत : पाइप नेचुरल गैस (पीएनजी) और घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत में सरकार ने कोई बदलाव नहीं किया है। पश्चिम एशिया संकट के बाद सरकार से सात अप्रैल को घरेलू एलपीजी की कीमतों में 50 रुपये प्रति सिलेंडर का इजाफा किया था।
सामान और सफर हो सकता है महंगा : डीजल और पेट्रोल की कीमतें बढ़ने से महंगाई बढ़ने का पूरा चक्र शुरू हो जाता है, जिसे अर्थशास्त्र में चौतरफा असर कहा जाता है। जहां पेट्रोल सीधे मासिक बजट को प्रभावित करता है। वहीं जैसे ही डीजल महंगा होता है, ट्रांसपोर्ट कंपनियां माल भाड़ा बढ़ा देती हैं, जिसका असर सभी वस्तुओं पर पड़ता है। डीजल महंगा होने से खेती की लागत भी बढ़ जाती है, जिससे अनाज-सब्जियां महंगी हो जाती हैं।



