'जनगणना में सहयोग न करने वाले कार्मिकों पर होगी कार्रवाई'
मुख्य सचिव ने जनगणना कार्य समय पर पूरा करने के दिए निर्देश
लखनऊ : मुख्य सचिव एसपी गोयल ने जनगणना कार्य और आगामी टीजीटी लिखित परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में उन्होंने कहा कि जनगणना कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सहयोग न करने वाले कार्मिकों पर जनगणना अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य सचिव ने कहा कि जिन क्षेत्रों में जनगणना के प्रथम चरण के तहत हाउस लिस्टिंग का कार्य अभी शुरू नहीं हुआ है, वहां अगले दो दिनों के भीतर कार्य प्रारंभ कराया जाए। जिलाधिकारियों को माइक्रो मानीटरिंग करते हुए समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा कराने को कहा गया है। टीजीटी परीक्षा को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार की 'जीरो टालरेंस' नीति को पूरी सख्ती से लागू किया जाए। परीक्षा से जुड़ी सभी तैयारियां एक दिन पहले पूरी करने, सीसीटीवी कैमरों की निगरानी का पूर्वाभ्यास कराने और केवल साफ छवि वाले अधिकारियों-कर्मचारियों की तैनाती के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों की सघन जांच और जामा तलाशी सुनिश्चित की जाए। महिला अभ्यर्थियों की तलाशी महिला कर्मियों द्वारा अलग कक्ष में ली जाए व दिव्यांग अभ्यर्थियों के उपकरणों की भी समुचित जांच की जाए। प्रश्नपत्रों और गोपनीय सामग्री को कोषागार के डबल लाक में सुरक्षित रखने और नोडल अधिकारियों की निगरानी में केंद्रों तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए। भीषण गर्मी को देखते हुए मुख्य सचिव ने परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, छाया, ओआरएस, चिकित्सा सुविधा, निर्बाध बिजली और यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने राज्य और जिला स्तरीय कंट्रोल रूम से परीक्षा की लगातार निगरानी करने व आयोग के प्रेक्षकों के साथ समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि टीजीटी लिखित परीक्षा तीन और चार जून को प्रदेश के 36 जिलों में बनाए गए 614 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी। परीक्षा दो पालियों में कराई जाएगी और इसमें कुल 8.68 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल होंगे। सर्वाधिक परीक्षा केंद्र लखनऊ में बनाए गए हैं।

