ग्रीष्मावकाश के बाद विद्यालयों की साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था के लिए बीएसए हाथरस ने जारी किए निर्देश
हाथरस। ग्रीष्मावकाश समाप्त होने के बाद 16 जून 2026 से विद्यालयों के संचालन को देखते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) हाथरस ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को विद्यालयों में साफ-सफाई, सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। यह आदेश 11 जून 2026 को जारी किया गया।
बीएसए द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि विद्यालय खुलने से पहले सभी स्कूलों में आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
जर्जर भवनों पर लगाया जाएगा लाल रंग का "X"
आदेश के अनुसार वर्षा ऋतु शुरू होने से पहले जर्जर एवं असुरक्षित विद्यालय भवनों की पहचान कर उन पर लाल रंग से बड़ा "X" चिन्ह अंकित किया जाएगा, ताकि ऐसे भवनों का उपयोग न किया जा सके और किसी प्रकार की दुर्घटना से बचाव हो सके।
पेयजल, शौचालय और स्वच्छता पर विशेष जोर
विद्यालयों में बच्चों के हाथ धोने और स्वच्छ पेयजल के लिए उपयोग में आने वाली पानी की टंकियों की सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही छात्र एवं छात्राओं के शौचालयों को पूरी तरह क्रियाशील रखने और उनके आसपास उगी झाड़ियों व घास-फूस को हटाने के लिए कहा गया है।
बरसात से पहले छतों और पाइपों की सफाई
बीएसए ने विद्यालय भवनों की छतों की सफाई तथा वर्षा जल निकासी के लिए लगे पाइपों को साफ कराने के निर्देश दिए हैं, जिससे बारिश का पानी छतों पर जमा न हो और भवनों को नुकसान न पहुंचे।
बिजली और हैंडपंप व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश
विद्यालयों के अतिरिक्त कक्ष-कक्षों में विद्युत फिटिंग, ट्यूब लाइट और पंखों को चालू स्थिति में रखने के लिए कहा गया है। इसके अलावा विद्यालय परिसर में लगे हैंडपंपों के आसपास जलभराव न होने देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता
आदेश में विशेष रूप से कहा गया है कि वर्षा के दौरान या मौसम खराब होने की स्थिति में बच्चों को विद्यालय भवन की छत पर जाने से रोका जाए। साथ ही मिड-डे मील के लिए उपयोग होने वाले किचन शेड, मसाले और खाद्यान्न की साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
बीएसए रणवीर सिंह ने सभी अधिकारियों को इन निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा है, ताकि नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण में हो सके।

