कल से विद्यालय खोले जाने के संबंध में आदेश जारी
लखनऊ, 15 जून 2026। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के नियंत्रणाधीन संचालित परिषदीय एवं मान्यता प्राप्त विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त होने के बाद 16 जून 2026 से विद्यालयों का संचालन पुनः शुरू होगा। इस संबंध में शिक्षा निदेशक (बेसिक) अनिल भूषण चतुर्वेदी ने प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
जारी आदेश में विद्यालय खुलने से पूर्व सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है। निर्देशों के अनुसार विद्यालयों में समुचित साफ-सफाई कराई जाए तथा कक्षाओं के कोनों, फर्नीचर और अलमारियों के नीचे विशेष रूप से सफाई कर उनकी जांच की जाए।
विद्यालय खुलने के प्रथम दिन छात्र-छात्राओं का रोली एवं तिलक लगाकर स्वागत करने तथा विद्यालय में उत्साहपूर्ण वातावरण तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अभिभावकों को भी विद्यालय खुलने और बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराने के संबंध में जानकारी देने को कहा गया है।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जर्जर भवनों में किसी भी स्थिति में पठन-पाठन संचालित न किया जाए। ऐसे भवनों पर बड़े अक्षरों में "निष्प्रयोज्य भवन" अंकित करने के निर्देश दिए गए हैं।
विद्यालयों में शौचालयों की साफ-सफाई, पेयजल की उपलब्धता, बिजली व्यवस्था तथा मध्याह्न भोजन (एमडीएम) के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। रसोईघरों की सफाई कर निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन तैयार कराया जाएगा। विशेष रूप से पहले दिन निर्धारित मेन्यू के अतिरिक्त बच्चों को पौष्टिक मीठा खाद्य पदार्थ वितरित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
शिक्षा निदेशक ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि सभी अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध हों। विद्यालयों का संचालन एवं पठन-पाठन पूर्व निर्धारित समय-सारिणी के अनुरूप कराया जाए।
आदेश में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन संचालित मान्यता प्राप्त विद्यालयों में विद्यालय प्रबंध समिति आवश्यक निर्णय लेने के लिए अधिकृत होगी। सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे इन व्यवस्थाओं का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित कराएं।
विद्यालय खुलने से पहले जारी इस आदेश का उद्देश्य छात्रों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और शिक्षण-अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत सुचारु रूप से हो सके।

