प्रदेश में निपुण भारत मिशन को विद्यालय स्तर पर अधिक प्रभावी बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। फाउंडेशन लिटरसी एंड न्यूमरेसी (एफएलएन) तथा एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों पर आधारित शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 58 जिलों के 232 शैक्षणिक संदर्भदाताओं को राज्य स्तरीय आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा।
यह प्रशिक्षण तीन चरणों में 22 जून से 10 जुलाई तक राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान, लखनऊ में आयोजित किया जाएगा। इसके माध्यम से एआरपी (शैक्षणिक संसाधन व्यक्ति) और डायट (जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान) मास्टर ट्रेनरों की एक प्रशिक्षित टीम तैयार की जाएगी, जो आगे चलकर ब्लॉक स्तर पर शिक्षकों को प्रशिक्षित करेगी और निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को कक्षा तक प्रभावी ढंग से पहुंचाएगी।
निपुण भारत मिशन के तहत 22 जून से लखनऊ में प्रशिक्षण
बुनियादी शिक्षा में गुणवत्ता, सीखने के परिणामों और निपुण लक्ष्यों की प्राप्ति को नई गति देने की दिशा में यह पहल एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रत्येक जिले से चार संदर्भदाता नामित किए जाएंगे, जिनमें दो एआरपी और दो डायट मास्टर ट्रेनर शामिल होंगे।
प्रशिक्षण हेतु चयनित चार संदर्भदाताओं में से कम से कम एक-एक प्रतिभागी हिंदी, गणित और अंग्रेजी विषय से संबंधित होना अनिवार्य किया गया है। जिन जिलों में एआरपी की संख्या दो से कम होगी, वहाँ अतिरिक्त डायट मास्टर ट्रेनरों को नामित किया जाएगा।

