28 July 2026

परख रिपोर्ट के आधार पर शिक्षा सुधार की तैयारी

 

परख रिपोर्ट के आधार पर शिक्षा सुधार की तैयारी

 लखनऊ। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने नई पहल शुरू की है। इसी कड़ी में सोमवार से परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण-2024 की रिपोर्ट के विश्लेषण और प्रसार के लिए मंडलीय कार्यशालाओं की शुरुआत की गई।

इन कार्यशालाओं का उद्देश्य जिला स्तर के अधिकारियों को परख सर्वे के निष्कर्षों से अवगत कराना, रिपोर्ट को समझाना और उसके आधार पर शिक्षा में सुधार की योजना तैयार करना है। एससीईआरटी के निदेशक गणेश कुमार और संयुक्त निदेशक डॉ. पवन सचान ने परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण-2024 के उद्देश्य और विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में इसकी उपयोगिता की जानकारी दी। तकनीकी सत्रों में राष्ट्रीय, राज्य, मंडल और जिला स्तर के परिणाम प्रस्तुत किए गए। अधिकारियों को परख डैशबोर्ड के जरिए आंकड़ों का विश्लेषण, प्रदर्शन संकेतकों की समीक्षा और रिपोर्ट का उपयोग करने का तरीका भी बताया गया। साथ ही छात्रों के प्रदर्शन को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारणों पर भी चर्चा हुई। बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों को सम्मानित किया गया।




सभी मंडलों में आयोजित की जाएंगी ऐसी कार्यशालाएं

पहले दिन की कार्यशाला में अलीगढ़ और मुरादाबाद मंडल के बीएसए, डायट प्राचार्य, संकाय सदस्य और अन्य शैक्षणिक अधिकारी शामिल हुए। संयुक्त निदेशक डॉ. पवन सचान ने बताया कि इसी तरह की कार्यशालाएं सभी मंडलों में आयोजित की जाएंगी। इसके बाद जिला स्तर पर भी अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि दिसंबर 2027 में होने वाले अगले परख राष्ट्रीय सर्वे में उत्तर प्रदेश का प्रदर्शन और बेहतर हो सके। उन्होंने बताया कि पिछले सर्वे में प्रदेश के कक्षा तीन के विद्यार्थियों ने भाषा और गणित दोनों विषयों में राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन किया था।