लखनऊ, परिषदीय स्कूलों में निपुण भारत मिशन का विस्तार कक्षा तीन से लेकर कक्षा पांच तक किया गया है। अभी तक बाल वाटिका से कक्षा दो तक के छात्रों को भाषा व गणित में दक्ष बनाने का लक्ष्य तय किया गया था। अब इन कक्षाओं के साथ कक्षा तीन से पांच तक में गणित व भाषा के साथ ही पर्यावरण अध्ययन में भी छात्र निपुण बनाए जाएंगे। वहीं हिंदी विषय के निपुण लक्ष्य में अखबार पढ़ने को भी शामिल किया गया है।
अपर मुख्य सचिव, बेसिक व माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश शुक्रवार को जारी कर दिए गए। कक्षा तीन से कक्षा पांच तक निपुण भारत मिशन का विस्तार किया जाएगा। जिसके तहत छात्र हिंदी, अंग्रेजी, गणित के साथ-साथ पर्यावरण अध्ययन में भी दक्ष बनाए जाएंगे। अलग-अलग कक्षाओं के अनुसार निपुण बनाने के लिए गाइडलाइन तय की गईं हैं। विद्यार्थी छोटी कक्षाओं में पढ़ने के लिए सीखने से कक्षा तीन से कक्षा पांच में सीखने के लिए पढ़ने की ओर आगे बढ़ते हैं।
पहली बार समाचार पत्र पढ़ना अनिवार्य: कक्षा चार व कक्षा पांच के हिंदी विषय में पहली बार समाचार पत्र, बाल साहित्य व कहानी पढ़ने में भी निपुण बनाए जाएंगे। वह इससे संबंधित प्रश्नों के 75 प्रतिशत प्रश्नों का उत्तर देने पर निपुण घोषित किए जाएंगे। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) निपुण भारत मिशन के अनुसार ई-कंटेंट दीक्षा पोर्टल पर उपलब्ध कराएगा। निपुण विद्यालय आकलन के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्कूलों के शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। स्कूलों की निगरानी के लिए ब्लॉक स्तर पर कमेटी गठित होगी। बीईओ की अध्यक्षता में यह कमेटी बनेगी। निपुण भारत मिशन के लिए राज्य परियोजना निदेशक (समग्र शिक्षा) को पदेन मिशन निदेशक नामित किया गया है।

